मैं 11वीं का स्टूडेंट हूं। आइआइटी-जेइइ की तैयारी कर रहा हूं। मेरी समस्या यह है कि मैं अपनी पढ़ाई में ध्यान एकाग्र करने में सक्षम नहीं हो पाता। मेरे पेरेंट्स मेरी बहुत चिंता करते हैं और उन्हें मुझ से काफी उम्मीदें हैं। कृपया बताएं कि मैं अपने दिमाग को पढ़ाई पर एकाग्र कैसे करूं? मैं पढऩा तो चाहता हूं, लेकिन स्टडी में मेरा मन नहीं लगता। कृपया मुझे उचित सलाह दें।

सत्यम त्रिपाठी

आपके पत्र में सबसे पॉजिटिव बात यह है कि आप पढऩा चाहते हैं। जिस तरह रोशनी की एक हल्की-सी किरण अंधेरे को दूर करने के लिए पर्याप्त होती है, उसकी तरह आपकी इस इच्छा में आपके आगे के सफर का संकेत छिपा है। सबसे पहले तो यह देखें कि क्या आइआइटी-जेइइ के सब्जेक्ट्स पीसीएम में आपका मन लगता है या नहीं? मन नहीं लगता है, तो क्यों? क्या ये सब्जेक्ट आपको अच्छे नहीं लगते? हो सकता है कि आपका मन किसी और सब्जेक्ट या फील्ड में लगता हो, लेकिन आप पेरेंट्स की उम्मीदों के दबाव में न तो खुद को समझना चाहते और न ही इस बारे में पेरेंट्स से बात करना चाहते। अगर आप उनकी अपेक्षाओं-उम्मीदों पर वाकई खरा उतरना चाहते हैं, तो सबसे पहले खुद की पसंद-नापसंद को समझें और हो सके तो इस बारे में अपने पेरेंट्स से भी बात करें। जिस विषय में मन लगे, उसी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की राह पर आगे बढ़ें। अगर आपको लगता है कि आप पीसीएम में मन लगा सकते हैं, तो अपनी कमजोरियों को तलाश कर उन्हें दूर करने का प्रयास करें। हो सकता है कि किसी कमी या कमजोरी की वजह से ही आपका मन एकाग्र न हो पा रहा हो।

मैं ग्रेजुएशन का स्टूडेंट हूं। रेड लाइट और येलो लाइट वाली गाड़ी किस-किस गवर्नमेंट जॉब में मिलती है? उसके लिए क्या-क्या स्टडी करनी होगी? प्लीज गाइड कीजिए।

एक पाठक

लगता है कि आपको बड़े सरकारी अधिकारियों की गाडिय़ां बहुत लुभाती हैं। रेड और येलो लाइट लगी गाडिय़ां प्रशासन और पुलिस से जुड़े ऐसे टॉप अधिकारियों को मिलती हैं, जिन पर शासन-प्रशासन के निर्बाध संचालन की जिम्मेदारी होती है। सामान्यतया केंद्रीय स्तर पर संघ लोक सेवा आयोग द्वारा हर साल आयोजित की जाने वाली संघीय सिविल सेवा परीक्षा (जिससे आइएएस, आइपीएस चुने जाते हैं) और राज्य स्तर पर लोक सेवा आयोगों द्वारा आयोजित की जाने वाली पीसीएस यानी प्रॉविंशियल सिविल सर्विसेज (जिससे एसडीएम, डीएसपी, सीओ आदि) के माध्यम से इस लेवल के अधिकारी चुने जाते हैं। यूपीएससी और पीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में कोई भी ग्रेजुएट अपीयर हो सकता है। हां, उसकी कामयाबी इस बात पर निर्भर करती है कि वह सही दिशा में कितनी मेहनत करता है। इसलिए सबसे पहले ग्रेजुएशन करें। सिलेबस और क्वैश्चन पैटर्न की अच्छी तरह एनालिसिस करते हुए अपने आइक्यू लेवल को भी लगातार बढ़ाते रहें। देश-दुनिया की इतिहास-संस्कृति के साथ-साथ समसामयिक घटनाओं को जानने के प्रति भी जागरूक रहें।

मैंने 2010 में अपनी स्कूलिंग पूरी की थी। कुछ कारणों से मुझे ग्रेजुएशन ड्रॉप करना पड़ा था। अब मैं किसी दूसरे सब्जेक्ट से रेगुलर स्टूडेंट के रूप में ग्रेजुएशन कंपलीट करना चाहता हूं। ऐसा संभव है या नहीं? एक पाठक

कुछ संस्थानों में आप गैप का एफिडेविट देकर एडमिशन हासिल कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए आपको अपने आस-पास के संस्थानों में जाकर संपर्क करना होगा। हां, इग्नू, डीयू की एसओएल आदि से आप करेसपॉन्डेंस कोर्स करके अपनी शिक्षा जारी रख सकते हैं। चाहे, तो ग्रेजुएशन में फ्रेश एडमिशन लेकर भी आगे की पढ़ाई कर

सकते हैं।

मैं इस समय ग्रेजुएशन सेकंड ईयर का स्टूडेंट हूं। मुझे आइएएस की तैयारी करते 2 साल हो गए, लेकिन मैं कंपलीट सिलेबस को एक दिन में रिवाइज नहीं कर पाता। एक दिन में दो-तीन विषय ही पढ़ पाता हूं। इससे कोई समस्या तो नहीं होगी?

अर्जुन सिंह

आप से यह किसने कह दिया कि सिलेबस को एक ही दिन में रिवाइज करना होता है। ऐसा कुछ भी नहीं है। अगर आपको अपनी क्षमता और योग्यता पर पूरा भरोसा है, तो आप थोड़ा-थोड़ा पर नियमित रूप से पढ़ें। पर जो पढ़ें, उसे पूरी तरह से समझने का प्रयास करें। किसी भी चीज को रटने या पन्ने पलटने की बजाय अपने कॉन्सेप्ट को क्लीयर करने का प्रयास करें। अपनी समझ-बूझ बढ़ाएं, ताकि किसी भी विषय पर खुद की तार्किक सोच विकसित कर सकें। सही दिशा में सही स्ट्रेटेजी से आगे बढ़ेंगे, तो कामयाबी एक न एक दिन जरूर मिलेगी।

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अरुण श्रीवास्तव

Posted By: Babita kashyap

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