जिंदगी की आपाधापी से उपजी अकुलाहट, प्रतिस्पर्धा का कहर, अपनों से बढ़ती दूरियां, संवेदनाओं की सिकुड़ती जमीन, काम के बढ़ते घंटे और महत्वाकांक्षाओं की ऊंची उड़ानों ने हमारी जिंदगी को तनाव से भर दिया है। हालांकि, कोमल भावनाओं की टूटती इन कड़ियों के बीच खुश रहने के लिए हमारे पास एक उम्दा उपाय जोक्स या चुटकुले हैं। ये हमारी जिंदगी में जिंदादिली और गर्माहट घोलते हैं। इससे न सिर्फ आसपास की फिजा खुशनुमा बनती है, बल्कि हम बेहतर मानसिक, शारीरिक, सामाजिक जीवन जीने में भी सक्षम होते हैं। साफ तौर पर इसका लाभ हमें करियर की ग्रोथ के रूप में भी मिलता है।

नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Jokes:

एक कंजूस अपने बेटे को पिट रहा था!

पड़ोसी: क्यों पिट रहे हो बच्चे को ?

बनिया: मैंने इसको कहा कि 1-1 सीढी छोड़कर चढ़, चप्पल कम घिसेगी!

नालायक 2-2 सीढ़ी छोड़कर चढ़ा, पाजामा फाड़ लिया !

मरीज- डॉक्टर साहब, क्या आपको यकीन है कि मुझे मलेरिया ही है ?

दरअसल मैंने एक मरीज के बारे में पढ़ा था कि डॉक्टर उसका मलेरिया का इलाज करते रहे...

और अंतत: जब वह मरा तो पता चला कि उसे टायफाइड था।

डॉक्टर- चिन्ता मत करो, हमारे अस्पताल में ऐसा कभी नहीं होता।

हम अगर किसी का मलेरिया का इलाज करते हैं तो वह मलेरिया से ही मरता है!

सभी हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि हंसने से हमारा इम्यून सिस्टम बेहतर होता है। इससे ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है, जिससे दिल की बीमारियों की संभावना कम होती है। हम शारीरिक तौर पर भी हल्का महसूस करते हैं, जिससे हमारी याददाश्त भी बढ़ जाती है। खुश रहने वाले व्यक्ति से हर कोई मिलना और संबंध बनाना चाहता है। ऐसे लोग परिवार और समाज के साथ ऑफिस में भी अधिक लोकप्रिय होते हैं। सही समय पर सटीक जोक्स से आप बेरंग माहौल में भी रंग घोल देते हैं। इससे आपकी पर्सनैलिटी आकर्षक होती है और लोग आपकी तरफ खिंचे चले आते हैं।