अंधविश्वास

  •  ईचापुर गांव के पच्चापदा टोला में हुई छह साल की मासूम की शादी
  •  हल्दी-चंदन लगाकर निकाली गई बारात, बच्चों को दी गई भोज

 चाईबासा, जेएनएन। झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के कुछ समुदायों में अब भी अंधविश्वास हावी है। आपको जानकर हैरानी होगी कि एक नवजात बच्ची का पहला ऊपरी दांत निकलने पर अशुभ मानकर उसके स्वजन ने उसकी शादी एक कुत्ते से रचाकर उसे दोष मुक्त किया। मामला झींकपानी प्रखंड अंतर्गत ईचापुर गांव का है। 

उरांव समुदाय में प्रचलित इस रिवाज को मान्यता देते हुए ईचापुर गांव के पच्चापदा टोला में सुरेश खालखो की छह साल की बेटी शस्तिका खालखो का जन्म के बाद पहला दांत ऊपरी हिस्से में निकला था। इस कारण से कुत्ते से उसकी शादी कराई गई। इस समुदाय में मान्यता है कि बच्चे का पहला दांत यदि अगर ऊपरी हिस्से में निकलता है तो उसे ग्रह अपने बस में कर लेते हैं। इस कारण बच्चे को हर क्षेत्र में कार्य आगे बढऩे में कई बाधाएं उत्पन्न होती हैं। अगर ग्रह दोष समय से पहले नहीं हटवाया गया तो बच्चे की मौत भी हो सकती है। इस अंधविश्वास को दूर करने के लिए इस घटना को अंजाम दिया गया। बच्ची के स्वजन का कहना है कि कुत्ते से शादी होने के बाद सभी ग्रह दोष कुत्ते के पास चला जाएगा। यही नहीं कुत्ते की दो माह के अंदर ही मृत्यु हो जाती है।

गाजे-बाजे के साथ शादी 

पच्चापदा टोला के शस्तीका खालखों पर लगे इस प्रकार के ग्रह दोष को दूर करने के लिए शुक्रवार को बाजे-बाजे के साथ रीति रिवाज से एक कुत्ता के साथ शादी कराई गई। शादी में बच्चों को भोज दिया गया। मदिरा का सेवन कर लोगों ने शादी में नाच गान भी किया। शादी में हल्दी-चंदन का उपयोग किया गया। ङ्क्षसदूर के स्थान पर लाल गुलाल का उपयोग किया गया। लोगों का कहना था कि कुत्ता को हल्दी व चंदन लगने के बाद वह उस क्षेत्र से कहीं नहीं जाएगा। उसकी मृत्यु भी उसी क्षेत्र में हो जाएगी।

Posted By: Rakesh Ranjan

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