संवाद सहयोगी, चाईबासा : श्री चाईबासा गोशाला समिति की ओर से मकर संक्रांति के अवसर पर शंभू मंदिर परिसर में दो दिवसीय गोसेवा दान दिवस का शुभारंभ किया गया। इस संबंध में जानकारी देते हुए गोशाला के संयुक्त सचिव ललित शर्मा ने कहा कि गोसेवा दान दिवस के पहले दिन 46 लोगों ने तुलादान किया। वहीं 50 से अधिक लोगों ने विभिन्न प्रकार से गोसेवा में भाग लिया। ¨हदू धर्म की मान्यता के मुताबिक तुलादान करने से व्यक्ति के सभी ग्रहों का क्लेश समाप्त हो जाता है। सोमवार को मकर संक्रांति के देर से ग्रह में प्रवेश करने से शहर के बहुत से लोग मकर मंगलवार को मनाएंगे। सनातन धर्म मानने वाले लोगों के लिए यह सुनहरा मौका है। मकर संक्रांति के दौरान दान पुण्य करने से उसका सौ गुणा फल मिलता है। इसलिए तुलादान का मौका इस बार रखा गया है। इसमें पुण्य दान जरुर करना चाहिए। क्योंकि कृष्ण भगवान ने भी गोसेवा की थी, यह अवसर हम सभी को मिल रहा है। इसे हम किसी भी हालत में छूटने ना दें। हम कई प्रकार की सेवा करते हैं लेकिन गोसेवा सबसे अगल है। अपनी मां के अलावा किसी को संसार में धर्म के मुताबिक मां कहने का हक हैं तो वह गो माता ही है। गोसेवा शिविर में चार कान वाली गो माता के दर्शन कर शहर के लोग पुण्य के भागी बने हैं। मौके पर संयुक्त सचिव राधेश्याम अग्रवाल, कोषाध्यक्ष सिद्ध गोपाल अग्रवाल, सह कोषाध्यक्ष मधुसूदन अग्रवाल, संयोजक पूर्ण चौधरी समेत अन्य मौजूद थे।

Posted By: Jagran

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