Premium trains की सुरक्षा पर रेलवे बोर्ड का बड़ा फैसला: वंदे भारत और राजधानी में मालगाड़ी के लोको पायलटों पर रोक
रेलवे बोर्ड ने वंदे भारत, राजधानी जैसी प्रीमियम ट्रेनों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब इन ट्रेनों को मालगाड़ी चलाने वाले लोको पायलट नहीं चला सकेंगे।

उच्च गति वाली ट्रेनों को केवल वही लोको पायलट चला सकेंगे, जिनके पास निर्धारित ग्रेड और संबंधित रूट लर्निंग का पर्याप्त अनुभव होगा।
HighLights
प्रीमियम ट्रेनों में मालगाड़ी के लोको पायलटों पर प्रतिबंध।
अनुभवी और निर्धारित ग्रेड वाले पायलट ही चलाएंगे ये ट्रेनें।
रेलवे बोर्ड ने सुरक्षा बढ़ाने के लिए जारी की नई SOP।
रूपेश कुमार विक्की, चक्रधरपुर। रेलवे ने वंदे भारत, राजधानी, शताब्दी और दुरंतो जैसी प्रीमियम तथा हाईस्पीड ट्रेनों में सफर करने वाले लाखों यात्रियों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
रेलवे बोर्ड ने इन ट्रेनों के संचालन में मालगाड़ी (गुड्स) चलाने वाले लोको पायलटों की नियमित तैनाती पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है।
अब इन उच्च गति वाली ट्रेनों को केवल वही लोको पायलट चला सकेंगे, जिनके पास निर्धारित ग्रेड और संबंधित रूट लर्निंग का पर्याप्त अनुभव होगा।
18 जोनों के महाप्रबंधकों को एसओपी जारी
इस संबंध में रेलवे बोर्ड के निदेशक विद्युत अभियांत्रिकी (चल स्टॉक) विकास आनंद ने देश के सभी 18 रेलवे जोनों के महाप्रबंधकों को नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी कर दी है।
जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि प्रीमियम ट्रेनों में मालगाड़ी के लोको पायलटों को नियमित रूप से ड्यूटी पर नहीं लगाया जाएगा।
आपातकालीन परिस्थितियों के लिए भी केवल 'ए' ग्रेड मालगाड़ी लोको पायलटों का एक अलग पैनल तैयार किया जाएगा। इस पैनल में शामिल प्रत्येक पायलट की अनिवार्य सुरक्षा स्क्रीनिंग होगी।
बिना सुरक्षा स्क्रीनिंग के किसी भी गुड्स लोको पायलट को मेल-एक्सप्रेस लिंक में भी शामिल नहीं किया जाएगा।
सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए लिया गया निर्णय
हाल के दिनों में रेलवे बोर्ड को शिकायतें मिली थीं कि कुछ जोनों में मेल-एक्सप्रेस और प्रीमियम ट्रेनों का संचालन मालगाड़ी के लोको पायलटों से कराया जा रहा था।
प्रीमियम ट्रेनें 130 से 160 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से चलती हैं, जबकि मालगाड़ियां भारी और अपेक्षाकृत धीमी गति से संचालित होती हैं।
दोनों प्रकार की ट्रेनों में सिग्नल सिस्टम, ब्रेकिंग पैटर्न, ट्रैक्शन ज्ञान और स्टेशन अप्रोच तकनीक में काफी अंतर होता है। इस भिन्नता के कारण सुरक्षा जोखिम बढ़ने की आशंका को देखते हुए बोर्ड ने यह कड़ा रुख अपनाया है।
वरिष्ठता और सुरक्षा रिकॉर्ड के आधार पर होगा चयन
नए नियमों के अनुसार, अब मेल-एक्सप्रेस और प्रीमियम ट्रेनों के लिए लोको पायलटों का चयन उनकी वरिष्ठता, सुरक्षा रिकॉर्ड और ट्रैक्शन ज्ञान के आधार पर ही किया जाएगा।
सभी जोनल रेलवे को क्रू लॉबी में इन नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि रेल यात्रा और अधिक सुरक्षित बन सके।
