झारखंड-ओडिशा बॉर्डर पर Encounter: 30 से अधिक डकैती मामलों में वांछित मोहम्मद नफीस गिरफ्तार
कुख्यात अंतरराज्यीय डकैत मोहम्मद नफीस ओडिशा के क्योंझर जिले में पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

चोरी-डकैती के मामलों में वांछित मोहम्मद नफीस।
HighLights
ओडिशा के क्योंझर जिले में हुआ एनकाउंटर।
30 से अधिक मामलों में वांछित था नफीस।
संसू, जैंतगढ़। झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले मझगांव प्रखंड का रहने वाला कुख्यात अंतरराज्यीय डकैत मोहम्मद नफीस सोमवार तड़के ओडिशा के क्योंझर जिले में पुलिस मुठभेड़ के दौरान घायल हो गया।
क्योंझर और मयूरभंज सहित कई सीमावर्ती जिलों में चोरी और डकैती के 30 से अधिक मामलों में वांछित नफीस ने पुलिस हिरासत से भागने और पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस को आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी।
सामान बरामदगी के बहाने जंगल ले गया, फिर कर दी फायरिंग
पुलिस के अनुसार, मोहम्मद नफीस लंबे समय से झारखंड और ओडिशा के सीमावर्ती इलाकों में आतंक मचा रखा था। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के दौरान उसने कबूला था कि उसने चोरी की कई वारदातों का सामान चंपुआ के पास पटला जंगल में छिपाकर रखा है।
सोमवार सुबह करीब 5:00 बजे जब चंपुआ थाना पुलिस की टीम उसे सामान बरामद कराने के लिए जंगल लेकर पहुंची, तो आरोपी ने एक खतरनाक चाल चली।
- देसी बंदूक से हमला: नफीस ने जंगल में पहले से छिपाकर रखी एक देसी बंदूक निकाली और पुलिस टीम पर दो राउंड फायरिंग झोंक दी।
- भागने का प्रयास: अचानक गोलीबारी करने के बाद उसने घने जंगल का फायदा उठाकर भागने की कोशिश की।
- जवाबी कार्रवाई: पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। पुलिस की एक गोली सीधे आरोपी के दाहिने घुटने में लगी, जिससे वह वहीं गिर पड़ा और पुलिस ने उसे दोबारा दबोच लिया।
अस्पताल में भर्ती, घटनास्थल से हथियार बरामद
मुठभेड़ के तुरंत बाद पुलिस ने घटनास्थल की तलाशी ली, जहां से हमले में इस्तेमाल की गई देसी बंदूक को जब्त कर लिया गया है। पैर में गोली लगने के कारण घायल मोहम्मद नफीस को तत्काल स्थानीय चंपुआ अस्पताल ले जाया गया।
वहां प्राथमिक उपचार देने के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए क्योंझर जिला अस्पताल रेफर कर दिया है।
इस दुस्साहसिक घटना को लेकर चंपुआ थाने में प्राथिमकी दर्ज की गई है। आरोपी मोहम्मद नफीस के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
अंतरराज्यीय नेटवर्क खंगाल रही पुलिस
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मोहम्मद नफीस अकेले इस तरह की बड़ी वारदातों को अंजाम नहीं दे सकता था। पुलिस अब उसके अन्य साथियों, चोरी का माल खरीदने वालों और झारखंड-ओडिशा सीमा पर सक्रिय उसके पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क की तलाश में जुट गई है।
पुलिस को उम्मीद है कि नफीस से आगे की पूछताछ में कई अन्य अनसुलझे मामलों का भी बड़ा खुलासा हो सकता है।
