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पश्चिम सिंहभूम में डेढ़ करोड़ की सड़क का काम पूरा होने से पहले ही आ गई दरारें, ग्रामीणों ने रोका काम

Published: Fri, 08 May 2026 03:53 PM (IST)

पश्चिम सिंहभूम के कुमारडुंगी प्रखंड में डेढ़ करोड़ की पीसीसी सड़क निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग से काम पूरा होने से पहले ही दरारें आ गई हैं।

विरोध करते ग्रामीण। (जागरण)

विरोध करते ग्रामीण। (जागरण)

HighLights

  1. डेढ़ करोड़ की सड़क में निर्माण से पहले दरारें।

  2. ग्रामीणों ने घटिया कार्य के विरोध में काम रोका।

  3. ठेकेदार और जेई पर लापरवाही का आरोप लगा।

संवाद सूत्र, कुमारडुंगी। पश्चिम सिंहभूम जिला के कुमारडुंगी प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों डीएमएफटी मद से काम कर रहे ठेकेदारों की कोई माई-बाप नहीं है।

यहां ठेकेदार अपनी मनमानी तरीके से जैसे तैसे काम खत्म कर चले जा रहे हैं। इसपर ना प्रशासन की नजर है ना ही कोई जनप्रतिनिधि नजर लगा रही है।

खामियाजा गांव के भोले-भाले आदिवासियों को भुगतान पड़ रहा है। ऐसा नहीं है कि यहां कोई प्रशासनिक पदाधिकारी नहीं आते हैं? विभाग के जेईई जांच के नाम पर कार्य स्थल आते हैं। पर अच्छी जगह देख कर जीपीएस फोटो लेकर वापस चले जाते हैं।

इन्हीं कार्यों से नाराज होकर शुक्रवार के दिन गांडकिदा गांव के ग्रामीणों ने पुतकरसाई मुख्य सड़क से बालिदस्कन चौक तक बन रही दो किलोमीटर पीसीसी सड़क के कार्य को रोक दिया है। उन्होंने काम को रोकते हुए ठेकेदार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया।

सड़क में नजर आने लगी दरार

ग्रामीणों ने बताया कि ठेकेदार काफी घटिया तरीके से करवा रहे हैं। सड़क का निर्माण इतना घटिया है कि सड़क बनकर पूरा होने से पहले ही उसमें दरार नजर आने लगी है।

विभाग के जेई योजना के जांच के नाम पर आए थे पर जीपीएस फोटो खिंचवाकर वापस चले गए। उन्होंने सड़क का पूरा निरीक्षण तक नहीं किया। गांव वाले उनसे इस घटिया निर्माण को लेकर शिकायत करना चाहते थे, पर ग्रामीणों के पहुंचने से पहले ही वे चले गये।

सड़क में फटे हुए दरारों से साफ दिख रहा है कि सड़क एक वर्ष भी नहीं चलेगा। जल्द ही पूरी तरह जर्जर हो जाएगा। इसको लेकर ग्रामीणों ने ठेकेदार से शिकायत किया था परंतु पांच वर्ष के टेंडर में मरम्मती करने का बात कह कर टाल मटोल कर दिया।

उन्होंने बताया कि इस योजना में काम कर रहे मजदूरों को मजदूरी दर के रुप में मात्र 350 रुपये ही दे रही है। जबकि सुबह 8 बजे से शाम के छह बजे तक नौ घंटा काम करवा रहा है। फिर भी पूरा पैसा नहीं दे रहा है।

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हम आदिवासियों को ठगने वाला ठेकेदार पर कार्रवाई होना चाहिए। इसको और काम नहीं देना चाहिए। नहीं तो हर जगह ऐसा ही करेगा। जैसे तैसे बनाकर घर भाग जाएगा।

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सुशीला हेम्ब्रम, ग्रामीण

यह सड़क काफी मांग करने के बाद मिला है। इसलिए ठीक से बनवाना चाहते हैं। पर हम आदिवासियों को गधा समझकर ठेकेदार जैसे तैसे बनाकर भागना चाहता है। सरकार ठेकेदार पर कार्यवाही करें।

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जवानी हेम्ब्रम, मजदूर

हमें नौं घंटा काम कराता है। पर पैसा मात्र 350 रुपया देता है। ओडी का पैसा भी नहीं दे रहा है। मजबूरी में काम कर रहे हैं। रोड ज्यादा दिन नहीं चलेगा। मशाला में सिमेंट बहुत कम मिला रहा है।

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नन्दी आल्डा, मजदूर

सड़क का निर्माण बहुत ही घटिया हुआ है। एक सप्ताह पहले बने पीसीसी में दरारें आ गई है। बहुत ही घटिया बालु का उपयोग किया गया है। जेई को यह सब देखना चाहिए था।

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जातरी हेम्ब्रम, मजदूर

मुझे गांव से ही सड़क के घटिया निर्माण को लेकर एवं कम मजदूरी दर देने को लेकर शिकायत मिली थी। इसलिए गांव वालों को सही मजदूरी दिलाने के सड़क निर्माण कार्य को रोका गया है।

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कमल किशोर हेम्ब्रम, मुंडा