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चाईबासा डबल मर्डर: कुमारडुंगी हत्याकांड में झारखंड हाईकोर्ट सख्त, पीड़ित परिवार को तत्काल 25,000 की मदद

Published: Thu, 19 Feb 2026 07:22 PM (IST)

झारखंड उच्च न्यायालय ने पश्चिमी सिंहभूम के कुमारडुंगी में 'डायन बिसाही' के संदेह में हुए दोहरे हत्याकांड का स्वतः संज्ञान ...और पढ़ें

डायन बिसाही मामले में घायल व्‍यक्ति का हाल जानने अस्‍पताल पहुंचे अधिकार मित्र के सदस्‍य।

डायन बिसाही मामले में घायल व्‍यक्ति का हाल जानने अस्‍पताल पहुंचे अधिकार मित्र के सदस्‍य।

HighLights

  1. झारखंड हाईकोर्ट ने कुमारडुंगी दोहरे हत्याकांड का स्वतः संज्ञान लिया।

  2. अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

जागरण संवाददाता, चाईबासा । पश्चिमी सिंहभूम जिले के कुमारडुंगी में 'डायन बिसाही' के संदेह में एक महिला और उसके पुत्र की निर्मम हत्या के मामले ने न्यायपालिका को झकझोर कर रख दिया है। झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश और राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (JHALSA) के कार्यकारी अध्यक्ष सुजीत नारायण प्रसाद ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। 
 

न्यायिक हस्तक्षेप और आर्थिक सहायता 

न्यायाधीश के निर्देश पर पीड़ित परिवार को तत्काल राहत पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद के आदेश के आलोक में पश्चिमी सिंहभूम जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मौहम्मद शाकिर ने शीघ्र कार्रवाई की। 
 
प्राधिकार के सचिव रवि चौधरी के माध्यम से पीड़ित कोल्हान सिंकू को गुरुवार को कास्ट फंड से 25,000 रुपये की प्रारंभिक आर्थिक सहायता प्रदान की गई। 

मैदान पर उतरीं DLSA की टीमें  

घटना की गंभीरता को देखते हुए सचिव रवि चौधरी ने अधिकार मित्रों की दो विशेष टीमों का गठन किया:
  •     अस्पताल और गांव में तैनाती: एक टीम पीड़ित के गांव भेजी गई, जबकि दूसरी टीम चाईबासा सदर अस्पताल में घायलों की सहायता के लिए तैनात रही। 
  •     कानूनी सहायता: पीड़ित परिवार की पैरवी के लिए पैनल अधिवक्ता प्रमोद प्रसाद को नियुक्त किया गया है। 
  •     बुनियादी जरूरतें: अधिकार मित्र संतोष कुमार गौड़ को परिवार के साथ समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। परिवार को तत्काल राशन और खाद्य सामग्री भी उपलब्ध कराई गई है। 

भविष्य की योजना और जागरूकता 

प्राधिकार ने पीड़ित मुआवजा योजना के तहत अंतरिम सहायता के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर ली है। साथ ही, परिजनों को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का काम शुरू कर दिया गया है। 

सचिव रवि चौधरी ने बताया कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्षेत्र में सघन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य अंधविश्वास जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ लोगों को जागरूक करना और सामाजिक चेतना विकसित करना है।

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