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झारखंड में जंगली हाथी का आतंक, एक रात में 7 लोगों को मार डाला; अब तक 17 की गई जान

By SUDHIR KUMAR PANDEYEdited By: Krishna Bahadur Singh Parihar
Published: Wed, 07 Jan 2026 09:09 AM (IST)

झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में जंगली हाथी के हमले से सात लोगों की मौत हो गई। नोवामुंडी प्रखंड के ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, चाईबासा (पश्चिमी सिंहभूम)। नोवामुंडी प्रखंड के जेटेया थाना क्षेत्र अंतर्गत बाबरिया गांव में 6 जनवरी की रात जंगली हाथी के हमले से एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में पति-पत्नी और उनके दो मासूम बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा दूसरे परिवार के एक सदस्य की भी हाथी के हमले में जान चली गई। घटना रात करीब 10 बजे की बताई जा रही है।

बताया गया कि सभी लोग अपने घर में सो रहे थे, तभी हाथी ने अचानक घर पर हमला कर दिया। इस दौरान परिवार का एक बच्चा किसी तरह जान बचाने में सफल रहा। बाबरिया गांव में मृतकों की पहचान सनातन मेराल, उनकी पत्नी जोंकों कुई, उनके दो मासूम बच्चों और मोगदा लागुरी (दूसरे परिवार से) के रूप में हुई है। 

हाथी का आतंक बाबरिया गांव तक सीमित नहीं रहा। बड़ा पासीया गांव में भी हाथी के हमले में एक ग्रामीण की मौत हो गई। वहीं लांपाईसाई गांव में एक अन्य ग्रामीण को हाथी ने रौंदकर मार डाला। इन दोनों गांवों में मृतकों की पहचान समाचार लिखे जाने तक नहीं हो पाई थी।

घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। सूचना मिलने पर वन विभाग और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। हाथी की निगरानी की जा रही है। प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने और सुरक्षा के उपाय किए जाने की बात कही जा रही है।

हाथी हमले की तिथिवार घटनाएं

01 जनवरी

टोंटो प्रखंड के बांडीझारी गांव निवासी 35 वर्षीय मंगल सिंह हेंब्रम की हाथी के हमले में मौके पर ही मौत हो गई। इसी रात बिरसिंहहातु गांव के कुचुबासा टोली निवासी 55 वर्षीय उर्दूप बहंदा भी हाथी की चपेट में आ गए और उनकी जान चली गई। वहीं सदर प्रखंड के रोरो ग्राम निवासी 57 वर्षीय विष्णु सुंडी की भी हाथी के हमले में मौत हो गई।

इस दौरान बिरसिंहहातु गांव की मानी कुंटिया और सुखमति बहंदा गंभीर रूप से घायल हो गईं। ये तीनों घटनाएं एक जनवरी की रात घटीं।

2 जनवरी

गोइलकेरा थाना क्षेत्र के सायतवा गांव में हाथी ने मंदरू कयोम के 13 वर्षीय पुत्र रेंगा कयोम को कुचलकर मार डाला। वहीं चक्रधरपुर थाना क्षेत्र के बाईपी गांव निवासी नंदू गागराई की 10 वर्षीय पुत्री ढिंगी गागराई को हाथी ने पटक दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।

4 जनवरी

चार जनवरी की अहले सुबह गोइलकेरा प्रखंड अंतर्गत संतरा वन क्षेत्र की कुईडा पंचायत के अमराई कितापी गांव स्थित तोपनोसाई टोले में दंतैल हाथी ने 47 वर्षीय महिला को कुचलकर मार डाला। इस हमले में महिला के पति रंजन टोपनो और 10 वर्षीय पुत्र काहिरा टोपनो भी घायल हो गए।

5 जनवरी

सोमवार की अहले सुबह गोइलकेरा के संतरा वन क्षेत्र अंतर्गत बिला पंचायत के वन ग्राम मिस्त्रीबेड़ा में हाथी ने हमला कर 50 वर्षीय जोंगा लागुरी की जान ले ली। इस दौरान उनके पति 52 वर्षीय चंद्र मोहन लागुरी भी गंभीर रूप से घायल हो गए।

6 जनवरी 

दंतैल हाथी ने गोइलकेरा के सोवा गांव में हमला कर कुंदरा बाहदा, उनके 6 वर्षीय पुत्र कोदमा बाहदा और 8 माह की पुत्री सामू बाहदा की जान ले ली। वहीं परिवार की 3 वर्षीय बच्ची जिंगीं बाहदा गंभीर रूप से घायल हो गई। 

इसके बाद बेकाबू हाथी सोवा और पाटुंग गांव होते हुए मंगलवार की अहले सुबह संतरा वन क्षेत्र के टोंटो प्रखंड स्थित कुईलसूता गांव पहुंचा, जहां उसने 21 वर्षीय जगमोहन सवईया को पटक-पटक कर मार डाला।

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