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झारखंड में समय पर उत्पादन शुरू न होने से 5 खदानों के लीज रद, जल्द होगी दोबारा नीलामी

Published: Tue, 22 Sep 2026 07:24 PM (IST)

पश्चिमी सिंहभूम में उत्पादन शुरू न होने के कारण झारखंड सरकार ने पांच खदानों के लीज रद्द कर दिए हैं। ...और पढ़ें

झारखंड में समय पर उत्पादन शुरू न होने से 5 खदानों के लीज रद (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

झारखंड में समय पर उत्पादन शुरू न होने से 5 खदानों के लीज रद (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

HighLights

  1. पश्चिमी सिंहभूम में पांच खदानों के लीज रद्द किए गए।

  2. उत्पादन शुरू न होने और वन मंजूरी न मिलने के कारण।

  3. राज्य सरकार अब इन खदानों की दोबारा नीलामी करेगी।

सुधीर पांडेय, चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम में नीलामी के बाद भी वर्षों से खनन उत्पादन शुरू नहीं कर पाने वाली दो महत्वपूर्ण खदानों का लीज आवंटन राज्य सरकार ने रद कर दिया है। इनमें मैथन इस्पात को आवंटित पहाड़डीहा गोल्ड ब्लाक और नोवामुंडी के सारंडा क्षेत्र में साउथ-वेस्ट माइनिंग लिमिटेड को आवंटित भनगांव आयरन ओर ब्लाक शामिल हैं। 

वहीं, रुंगटा माइंस लिमिटेड को मिली 69.240 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाली परासी गोल्ड माइंस का लीज भी रद कर दिया गया है। फारेस्ट क्लीयरेंस समेत अन्य जरूरी मंजूरियां नहीं मिलने के कारण इन खदानों में निर्धारित समय के भीतर उत्पादन शुरू नहीं हो सका। 

राज्य सरकार अब इन पांचों खदानों की दोबारा नीलामी कराने की तैयारी में है। परासी गोल्ड माइंस की नीलामी 1 नवंबर 2017 को हुई थी। इसे रुंगटा माइंस लिमिटेड ने हासिल किया था। कंपनी को 2 जनवरी 2021 तक सभी क्लीयरेंस लेकर खदान से उत्पादन शुरू करना था। 

निर्धारित अवधि बीतने के बाद भी सारी प्रक्रिया पूरी नहीं की गयी। इसके पीछे प्रमुख कारण फारेस्ट क्लीयरेंस नहीं मिलना बताया गया। लंबे समय तक परियोजना के आगे नहीं बढ़ने के बाद राज्य सरकार ने इसका लीज आवंटन रद्द कर दिया।

पहाड़ीहडीहा गोल्ड ब्लॉक भी रद

पश्चिमी सिंहभूम जिले के 272.651 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले पहाड़डीहा गोल्ड ब्लाक की नीलामी 26 अक्टूबर 2016 को हुई थी। इसे मैथन इस्पात लिमिटेड ने हासिल किया था। निर्धारित समय के भीतर खनन कार्य शुरू नहीं हो सका। 

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, फारेस्ट क्लीयरेंस नहीं मिलने के कारण परियोजना लंबित रही। अब इसका लीज आवंटन भी रद्द कर दिया गया है। नोवामुंडी क्षेत्र का भनगांव आयरन ओर ब्लाक सारंडा वन प्रभाग के अंतर्गत आता है। वर्ष 2018 में झारखंड सरकार की ई-नीलामी के माध्यम से इसे साउथ-वेस्ट माइनिंग लिमिटेड को आवंटित किया गया था। 

कंपनी जेएसडब्ल्यू समूह से जुड़ी खनन कंपनी है। फारेस्ट क्लीयरेंस और अन्य जरूरी एनओसी नहीं मिलने के कारण यहां भी खनन उत्पादन शुरू नहीं हो सका। सरकार ने अब इसका लीज आवंटन भी रद्द कर दिया है।

पांचों खदानों की फिर होगी नीलामी

राज्य सरकार ने दो सोना, एक लौह अयस्क और दो ग्रेफाइट खदानों समेत कुल पांच खदानों का लीज आवंटन रद्द किया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संबंधित विभाग को इन खदानों की दोबारा नीलामी की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है। इन खदानों की पिछली नीलामी इस्पात मंत्रालय के अधीन संचालित एमएसटीसी के प्लेटफार्म के माध्यम से हुई थी। अब लीज आवंटन रद्द किए जाने की अधिसूचना भी इसी प्लेटफार्म पर जारी की गई है।

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