चक्रधरपुर में विद्युत विभाग की मनमानी से भड़के ग्रामीण, बैकअप बिजली लाइन हटाने पर खड़ा हुआ विवाद
चक्रधरपुर में विद्युत विभाग द्वारा कराईकेला की पुरानी बैकअप बिजली लाइन हटाने से ग्रामीण भड़क गए हैं, जिससे क्षेत्र की ...और पढ़ें

बैकअप बिजली लाइन हटाने पर खड़ा हुआ विवाद
HighLights
विद्युत विभाग ने कराईकेला की पुरानी बैकअप लाइन हटाई।
अब पूरा क्षेत्र लांडूपोदा सब-स्टेशन पर निर्भर।
ग्रामीणों ने निजी लाभ और जांच की मांग की।
जागरण संवाददाता, चक्रधरपुर। चक्रधरपुर विद्युत विभाग की कार्यशैली को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी असंतोष है। ताजा मामला चक्रधरपुर शहर से सटे केपीएस स्कूल के पास का है, जहां विभाग द्वारा उठाए गए एकतरफा कदम से कराईकेला और आसपास के क्षेत्रों के लोग बेहद नाराज हैं।
विद्युत विभाग ने चक्रधरपुर पावर ग्रिड से कराईकेला की ओर जाने वाली वर्षों पुरानी बिजली आपूर्ति लाइन को पूरी तरह स्थाई रुप से हटा दिया। वर्तमान व्यवस्था के तहत कराईकेला, केरा और समीपवर्ती ग्रामीण इलाकों में बिजली की आपूर्ति लांडूपोदा पावर सब-स्टेशन के जरिए की जा रही है।
ग्रामीणों का तर्क है कि बैकअप लाइन को समाप्त कर देने से अब पूरा क्षेत्र पूरी तरह एक ही सब-स्टेशन पर निर्भर हो गया है। यदि किसी तकनीकी खराबी या प्राकृतिक कारण से लांडूपोदा सब-स्टेशन की आपूर्ति ठप होती है, तो दर्जनों गांव पूरी तरह अंधेरे में डूब जाएंगे।
निजी लाभ पहुंचाने का आरोप
स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार की सांठगांठ से निजी स्वार्थ सिद्धि के लिए इस पुरानी और चालू लाइन को हटाया गया है। पूर्व में कराईकेला को चक्रधरपुर पावर ग्रिड से निर्बाध बिजली मिलती थी, परंतु इस सप्ताह अचानक ठेकेदार को लगाकर पुरानी लाइन के तारों और पोलों को हटवा दिया गया। इस कदम से कुछ विशेष लोगों को सीधा फायदा पहुंचाने की बात सामने आ रही है।
सरकारी दिशा-निर्देशों की अनदेखी
एक ओर जहां विभाग नए वैकल्पिक रूट की योजना का हवाला दे रहा है, वहीं दूसरी ओर चालू व व्यवस्थित पुरानी लाइन को पूरी तरह ध्वस्त कर देने पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। शासन और उच्चाधिकारियों का स्पष्ट निर्देश है कि नई व्यवस्था लागू होने तक पुरानी लाइनों को ''स्टैंडबाय'' मोड पर चालू स्थिति में रखा जाए, ताकि आपात स्थिति में आपूर्ति बाधित न हो।
मरम्मत के बजाय पूरी लाइन ही कर दी बंद
जानकारी के अनुसार, करीब तीन माह पूर्व तेज आंधी-तूफान के कारण कराईकेला लाइन के एक-दो बिजली के खंभे गिर गए थे। उस समय बारिश का मौसम होने के कारण विभाग पोल दुरुस्त नहीं कर पाया था।
ग्रामीणों का कहना है कि मौसम ठीक होने पर खंभे खड़े करने के बजाय, विभागीय मिलीभगत से पूरी लाइन को ही हमेशा के लिए समाप्त कर दिया गया। ग्रामीण अब इस मामले में उच्चस्तरीय जांच और पुरानी व्यवस्था को तत्काल बहाल करने की मांग कर रहे हैं।
विद्युत विभाग चक्रधरपुर एसडीओ भामापद टुडू ने कहा कि सोनुवा रोड कॉन्सेप्ट स्कूल के पास बारिश में विद्युत पॉल गिर गया था। बारिश खत्म होने के बाद पोल को गाड़ दिया जाएगा। लेकिन पोल से तार हटाए जाने के बारे में जब पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि मुझे इसकी जानकारी नहीं है। मामले को संज्ञान में लेकर जल्द ही मरम्मत की जाएगी।
