पश्चिमी सिंहभूम के भनगांव में मिला हथिनी का शव, वन विभाग ने शुरू की जांच; पोस्टमार्टम से खुलेगा मौत का राज
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के भनगांव में एक हथिनी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से हड़कंप मच गया, जिसके बाद वन विभाग ने जांच शुरू कर दी है।
HighLights
पश्चिमी सिंहभूम के भनगांव में हथिनी का शव संदिग्ध हालत में मिला।
वन विभाग ने जांच शुरू की, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
पिछले एक साल में क्षेत्र में सात हाथियों की मौत हो चुकी है।
संवाद सूत्र, जैंतगढ़। झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के भनगांव में शुक्रवार को एक हथिनी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में हड़कंप मच गया। हथिनी का शव मिलने की सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।
बताया गया कि हथिनी मृत अवस्था में पाई गई। उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका तत्काल पता नहीं चल सका है। वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक जानकारी जुटाई। हथिनी के शव का पोस्टमार्टम कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण का पता चल सकेगा। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एक वर्ष में करीब सात हाथियों की मौत
गौरतलब है कि जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र और आसपास के इलाकों में पिछले करीब एक वर्ष से जंगली हाथियों की आवाजाही लगातार बनी हुई है। हाथियों के झुंड कई गांवों में पहुंचकर फसलों और घरों को नुकसान पहुंचाते रहे हैं। इस दौरान क्षेत्र में करीब सात हाथियों की मौत होने की बात सामने आई है। लगातार हाथियों की मौत और बढ़ती गतिविधियों से ग्रामीणों में चिंता बढ़ रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के गांवों में आने से फसल और संपत्ति के नुकसान के साथ जान-माल की सुरक्षा को लेकर भी भय बना रहता है। हथिनी की मौत के बाद भनगांव और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है।
हाथी-मानव संघर्ष रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग
ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने और हाथी-मानव संघर्ष रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
फिलहाल वन विभाग की टीम मामले की जांच में जुटी है। हथिनी की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह है, इसका स्पष्ट खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगा।
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