चाईबासा, जागरण संवाददाता: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 1932 के खतियान को लेकर अपनी मंशा बिल्कुल स्पष्ट कर दी है। मंगलवार को चाईबासा के खूंटकट्टी मैदान में कोल्हानवासियों संबोधित करते हुए हेमंत सोरेन ने कहा कि जो 1932 का खतियान मानेगा, वही झारखंड पर राज करेगा। कुछ लोग कह रहे हैं कि खतियान का आधार 1932 मानेंगे तो झारखंड जल जायेगा, हम देखते हैं कि कौन इसे नहीं मानता है।

राज्य बनाने के लिए हर गांव में हुआ जलियावाला बाग कांड

मुख्यमंत्री ने खतियानी जोहार यात्रा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड को अलग राज्य बनाने के लिए 20 साल पहले जब गुरुजी शिबू सोरेन ने बोला था, तब बाहरी बोलते थे कि आदिवासी क्या अलग राज्य बनायेंगे। यहां के आदिवासियों व मूलवासियों ने 30-35 साल की लंबी लड़ाई लड़ी। इसमें कई महिलाएं विधवा हो गयीं और कई बच्चे अनाथ हो गये। उस दौरान झारखंड के हर गांव में जालियांवाला बाग की तरह कांड हुआ। कई आदिवासियों मारा-पीटा गया। कई मरे और कई जेल भी गये।

भाजपा के राज में दलितों और आदिवासियों पर हुए अत्याचार

दिशोम गुरू शिबू सोरेन ने जंगल, पहाड और नदी में घूम-घूम कर लक्ष्य को मंजिल तक पहुंचाया लेकिन किस्मत ऐसी कि दूसरी पार्टी ने झारखंड पर कब्जा जमा लिया और 20 सालों तक राज किया। इस दौरान उन्होंने राज्य को आगे बढ़ाने के बजाय पीछे धकेल दिया। वहीं दलित और आदिवासियों का अत्याचार पर अत्याचार होता रहा।

भाजपा के कार्यकाल में मचा था राज्य में हाहाकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2019 में हमने भी कमर कस ली और राज्य के कोने-कोने तक पहुंच गये। उस दौरान अपने हक और अधिकार के लिये चारों ओर हाहाकार मचा था। हक के लिए सड़क पर उतरने वाले पारा शिक्षक, आंगनबाड़ी सेविकाओं पर लाठियां बरसायी जा रही थी।

ईडी, सीबीआई का दुरुपयोग कर रही केंद्र

सीएम ने कहा कि कड़ी मेहनत के बाद जब हमारी सरकार बनी तो कम समय में हमने ज्यादा काम कर दिखाया। मेरे द्वारा किया गया काम भाजपा को हजम नहीं हो रही है। उसके पेट में दर्द हो रहा है। वे अब ईडी और सीबीआइ जैसी बाहरी एजेंसियों का दुरुपयोग कर हमें परेशान करने के लिये दौड़ाने व डराने का काम कर रहे हैं। सरकार को अस्थिर करने में लगे हैं।

भाजपा राज में पदाधिकारियों ने छीने जनता के अधिकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि चूंकि भाजपा के कार्यकाल में 20 साल तक पदाधिकारियों ने एयरकंडिशनर रूम में बैठक कर काम किया। सरकार के इशारे पर जनता के हक और अधिकार को चुराने का काम किया। नतीजतन दूसरे राज्य आगे बढ़ते गये और हमारे राज्य को पीछे धकेला गया। अब हमने ऐसी लकीर खिंची है कि जिसको मिटाने के लिये सात बार जन्म लेना पड़ेगा।

केंद्र के वनाधिकार कानून झारखंड में नहीं होंगे लागू

सीएम सोरेन ने कहा कि केंद्र ने वन अधिकार कानून बदल दिया। ग्राम सभा की शक्ति को छीनने का काम किया है। केंद्र सरकार के वनाधिकार कानून को यहां नहीं चलने दिया जायेगा। झारखंड में बिना ग्राम सभा की अनुमति के जंगल में किसी प्रकार की कोई गतिविधि नहीं करने दी जायेगी। जल, जंगल, जमीन पर यहां के लोगों का ही अधिकार रहेगा।

Edited By: Mohit Tripathi

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