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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 11, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उदयीमान सूर्य को अ‌र्घ्य देकर छठव्रतियों ने किया 36 घंटे का निर्जला व्रत संपन्न

By JagranEdited By:
Published: Thu, 11 Nov 2021 06:43 PM (GMT+05:30)

पश्चिम सिंहभूम जिले के चाईबासा सहित तीनों अनुमंडल जगन्नाथपुर चक्रधरपुर व सदर क्षेत्र में उदीयमान सूर्य को अ‌र्घ्य देने के साथ गुरुवार को चार दिवसीय छठ पर्व संपन्न हो गया।

उदयीमान सूर्य को अ‌र्घ्य देकर छठव्रतियों ने किया 36 घंटे का निर्जला व्रत संपन्न
उदयीमान सूर्य को अ‌र्घ्य देकर छठव्रतियों ने किया 36 घंटे का निर्जला व्रत संपन्न

जागरण संवाददाता, चाईबासा : पश्चिम सिंहभूम जिले के चाईबासा सहित तीनों अनुमंडल जगन्नाथपुर, चक्रधरपुर व सदर क्षेत्र में उदीयमान सूर्य को अ‌र्घ्य देने के साथ गुरुवार को चार दिवसीय छठ पर्व संपन्न हो गया। श्रद्धालुओं ने सूर्य देव को अ‌र्घ्य देकर कोरोना महामारी समाप्त करने की छठी मईयां से विनती की। इस बार राज्य सरकार ने छठ पर्व मनाने को लेकर पूरी छूट दी थी। इसको देखते हुए नदी, नाला, तालाब व घरों की छत पर ईंट की पक्की जोड़ाई कर गड्ढा बनाया गया था। कई घर के परिजन अपनी-अपनी छतों पर ही भगवान सूर्य को अ‌र्घ्य दी। चाईबासा के करणी मंदिर स्थित रोरो नदी छठ घाट, कुम्हारटोली छठ घाट, पुलहातु छठ घाट व कुजू नदी के तट पर बड़ी संख्या में छठव्रतियों व उनके परिजन पहुंचकर बुधवार को अस्ताचलगामी सूर्य व गुरुवार की सुबह उदयीमान सूर्य को अ‌र्घ्य देकर समापन किया। बुधवार को दोपहर 3 बजे से ही रोरो नदी की ओर दउरा लेकर भक्तों का आना-जाना शुरू हो गया था। क्योंकि इस बार रोरो नदी में भीड़ ऐसी थी कि मेला का स्वरूप लग रहा था। साथ ही नदी किनारे अपना-अपना घाट लेने के लिए छठव्रतियों के परिजन समय पर पहुंच गए थे। कई छठव्रतियां रास्ते भर दंडवत करते हुए नदी तट पहुंची। यहां पर आम की दातून करने के बाद नदी में स्नान कर सबसे पहले सूर्यदेव को स्मरण किया। इसके बाद सुहाग लेकर हाथ में सूप पकड़कर भगवान सूर्य को अ‌र्घ्य दिया। गुरुवार को श्रद्धालु अहले सुबह से ही भगवान भास्कर की आराधना में जुट गए थे। इस दौरान उगा हो सूरज देव भाईल अरग के बेर.., केलवा के पात पर उगेलन सूरजदेव.. आदि सुमधुर छठ गीत के बीच सुबह में जैसे ही सूर्य की लालिमा दिखी, श्रद्धालुओं का उत्साह दोगुना हो गया। सूर्य की किरण पड़ते ही पिछले 36 घंटों के निर्जला व्रत कर रही छठव्रतियां के बेजान शरीर ऊर्जा से परिपूर्ण हो गए। छठव्रती व उनके परिजनों ने दूध, गंगाजल का अ‌र्घ्य समर्पित किया। प्रसाद के रूप में घर में बने ठेकुआ, मिष्ठान्न के साथ मौसमी फल, सब्जी, गन्ना, केला आदि का भोग लगाया गया।

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----- पारण कर तोड़ा 36 घंटे का उपवास ----

छठव्रतियों ने गुरुवार को उदयीमान सूर्य को अ‌र्घ्य देने के बाद पारण कर 36 घंटे का निर्जला व्रत तोड़ा। 8 नवंबर को नहाय-खाय हुआ। 9 नवंबर की संध्या में खरना करने के बाद व्रतियों का निर्जला उपवास आरंभ हो गया था। इसके बाद 10 नवंबर को अस्ताचलगामी सूर्य को अ‌र्घ्य दिया, फिर गुरुवार को उदयीमान सूर्य को अ‌र्घ्य देकर घरों में पारण किया गया।

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छठ घाटों पर किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसके लिए जिला प्रशासन व पुलिस पदाधिकारी पूरी तरह से मुस्तैद रहा। प्रशासन की ओर से प्रशिक्षु आईएएस रवि जैन, सदर अनुमंडल पदाधिकारी शशीद्र कुमार बड़ाईक, सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी दिलीप खलखो के अलावा इंस्पेक्टर सह सदर थाना प्रभारी निरंजन तिवारी व मुफस्सिल थाना प्रभारी पवन चंद्र पाठक अपने अल-बल के साथ मौजूद थे।