चाईबासा : आजीवन कारावास की सजा काट रहे चाईबासा मंडल कारागार के तीन बंदियों को खुली हवा में सांस लेने की आजादी मिलेगी। ये कैदी उन कुल 139 कैदियों में शामिल हैं जिन्हें रिहा करने की स्वीकृति मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दी है। इनमें किर्ती बिरुवा, श्याम बिरुवा और बुधन केराई शामिल हैं। चाईबासा के जेल अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने बताया कि झारखंड राज्य पुनरीक्षण पार्षद की अनुशंसा पर मुख्यमंत्री ने आजीवन कारावास की सजा काट रहे राज्य के विभिन्न जेलों में बंद कुल 139 बंदियों को रिहा करने के लिए अपी स्वीकृति दी है। इनमें चाईबासा मंडलकारा के भी तीन बंदी शामिल हैं। हालांकि बंदियों को रिहाई की तिथि का अभी तक कोई आदेश जेल प्रशासन के पास नहीं आया है। आदेश आने के बाद ही उन्हें छोड़ा जायेगा।

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लंबी अवधि बीतने व बेहतर आचरण को बनाया गया आधार

आजीवन कारावास की सजा पाए बंदियों जिनके द्वारा लंबी सजा अवधि बीत जाने और कारागार में उनके बेहतर आचरण, उनके उम्र और उनके द्वारा किये गए अपराध की प्रकृति आदि पर राज्य सजा पुनरीक्षण पर्षद विचार करती है और अपनी अनुशंसा करती है। मुख्यमंत्री की स्वीकृति मिलते ही अब ये सभी बंदी अपने परिवार वालों के साथ रह सकेंगे।

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किस कारागार के कितने बंदी होंगे रिहा

झारखण्ड राज्य सजा पुनरीक्षण पर्षद द्वारा बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, होटवार के 62, लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा, हजारीबाग के 26, केंद्रीय कारा, दुमका के 29, केंद्रीय कारा, घाघीडीह, जमशेदपुर के 14, केंद्रीय कारा, मेदिनीनगर, पलामू के चार, मंडल कारा, चाईबासा के तीन और खुला जेल-सह-पुनर्वास कैम्प हजारीबाग के 1 आजीवन कारावास की सजा काट रहे बंदी को रिहा करने की स्वीकृति मुख्यमंत्री ने दी है।

Posted By: Jagran

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