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चाईबासा में बिजनेस का झांसा देकर 14 महिलाओं के खातों से निकाले ₹12 लाख, बैंक कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध

By Md TaquiEdited By: Sanjeev Kumar
Published: Mon, 05 Oct 2026 05:35 PM (IST)

चाईबासा में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के नाम पर उनके बैंक खातों से 12.57 लाख रुपये की ठगी की गई ...और पढ़ें

कुमारडुंगी प्रखंड के बड़ा रायेकमन तथा मुफस्सिल थाना क्षेत्र के परमपंचो और नरसंडा गांव की भोली-भाली महिलाओं के साथ ठगी हुई है।

कुमारडुंगी प्रखंड के बड़ा रायेकमन तथा मुफस्सिल थाना क्षेत्र के परमपंचो और नरसंडा गांव की भोली-भाली महिलाओं के साथ ठगी हुई है।

HighLights

  1. महिलाओं को व्यवसाय शुरू कराने का झांसा देकर हुई धोखाधड़ी।

  2. अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की।

जासं, चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और व्यवसाय शुरू कराने का झांसा देकर उनके बैंक खातों से लाखों रुपये उड़ाने का खुलासा हुआ है। 
 
यह ठगी कुमारडुंगी प्रखंड के बड़ा रायेकमन तथा मुफस्सिल थाना क्षेत्र के परमपंचो और नरसंडा गांव की भोली-भाली महिलाओं के साथ हुई है।
 
इस मामले में अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के जिला सचिव साधुचरण सिंह कुंटिया ने सोमवार को उपायुक्त (DC) और पुलिस अधीक्षक (SP) को लिखित आवेदन देकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। 
 
सौंपे गए आवेदन में बड़ा रायेकमन, अंधारी निवासी रीता हेम्ब्रम और राजेंद्र कुमार हेम्ब्रम को मुख्य आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि दोनों ने महिलाओं को व्यवसाय कराने का झूठा आश्वासन दिया। 
 
बैंक कर्मियों की मिलीभगत से उनके खातों से भारी-भरकम राशि की निकासी करवा ली। ठगी के बदले में पीड़ित महिलाओं को केवल 500-500 रुपये दिए गए। 
 
जबकि कई महिलाओं को तो उनकी बैंक पासबुक तक नहीं सौंपी गई। शिकायत में दर्ज सूची के अनुसार, कुल 14 खाताधारकों के नाम पर 12 लाख 57 हजार रुपये की निकासी की गई है। 
 
इसमें निकिता हेम्ब्रम के नाम पर सबसे अधिक 2.35 लाख, सुनीका हेम्ब्रम के नाम पर 1.90 लाख, सूर्यमुनी महाराणा के नाम पर 1.50 लाख और कुनी हेम्ब्रम के नाम पर 1.20 लाख रुपये शामिल हैं।
 
अलग-अलग बैंकों और वित्तीय संस्थानों से राशि निकालने के बाद अब वही संस्थान महिलाओं पर लोन वसूली के लिए दबाव बना रहे हैं, जिससे पीड़ित परिवारों में दहशत का माहौल है। 
 
मानवाधिकार संगठन ने जिला व पुलिस प्रशासन से दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने और पीड़ित महिलाओं के डूबे पैसे वापस कराने की गुहार लगाई है।