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सरायकेला के बिरसा मुंडा स्टेडियम में शिबू सोरेन की मूर्ती लगाने का विरोध तेज, 18 सितंबर को महारैली की तैयारी

Published: Wed, 16 Sep 2026 02:48 PM (IST)

चाईबासा से सैकड़ों लोग 18 सितंबर को सरायकेला में भगवान बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम की पहचान बचाने के लिए महारैली में शामिल होंगे।

18 सितंबर को महारैली की तैयारी

18 सितंबर को महारैली की तैयारी

HighLights

  1. 18 सितंबर को सरायकेला में विशाल महारैली का आयोजन।

  2. बिरसा मुंडा स्टेडियम में शिबू सोरेन प्रतिमा स्थापना का विरोध।

  3. चाईबासा से सैकड़ों लोग रैली में शामिल होंगे।

जागरण संवाददाता, चाईबासा। भगवान बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम, सरायकेला के अस्तित्व और पहचान को बचाने की मांग को लेकर 18 सितंबर को सरायकेला में आयोजित विशाल रैली में चाईबासा से सैकड़ों लोग शामिल होंगे। 

रैली की तैयारियों और अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने को लेकर बुधवार को चाईबासा में आदिवासी हो समाज युवा महासभा की बैठक हुई। बैठक में रैली में शामिल होने के लिए लोगों को एकजुट करने और सामूहिक रूप से सरायकेला पहुंचने की रणनीति बनाई गई। 

10 बजे राजू ढाबा के समीप लोग एकत्रित

बैठक में निर्णय लिया गया कि 18 सितंबर की सुबह 10 बजे चाईबासा के राजू ढाबा के समीप लोग एकत्रित होंगे। यहां से विभिन्न संसाधनों और निजी वाहनों के माध्यम से सामूहिक रूप से सरायकेला के लिए रवाना होंगे। 

महासभा की ओर से निजी वाहन रखने वाले लोगों से भी अपने वाहनों के साथ पहुंचने की अपील की गई, ताकि अन्य इच्छुक लोगों को भी रैली में शामिल होने के लिए सरायकेला जाने में सुविधा मिल सके। 

रैली में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी जरूरी 

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम केवल एक खेल मैदान नहीं है, बल्कि क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं, युवाओं और सामाजिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल है। ऐसे में स्टेडियम की पहचान और स्वरूप को बनाए रखने की मांग को लेकर आयोजित रैली में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी जरूरी है। 

शिबू सोरेन की प्रतिमा विरोध

बता दें कि सरायकेला स्थित बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में झारखंड मुक्ति मोर्चा की ओर से 4 अगस्त को दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रतिमा स्थापित करने के लिए भूमि पूजन किया गया था। अब प्रतिमा स्थापना की तैयारी की जा रही है। इसका आदिवासी हो समाज महासभा समेत अन्य आदिवासी संगठनों की ओर से विरोध किया जा रहा है। 

संगठन स्टेडियम की मूल पहचान और उपयोग को बनाए रखने की मांग कर रहे हैं। चाईबासा में भी बाईपास चौक पर शिबू सोरेन की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर आदिवासी हो समाज युवा महासभा की ओर से विरोध किया गया था। इस दौरान काफी हंगामा हुआ था और महासभा की ओर से धरना-प्रदर्शन किया गया था। 

पुलिस द्वारा मौके से हटाया गया 

धरना दे रहे लोगों को पुलिस द्वारा मौके से हटाया गया था। इसके बाद बाईपास चौक पर शिबू सोरेन की प्रतिमा स्थापित की गई। अब इसी मुद्दे को लेकर सरायकेला के बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में प्रस्तावित प्रतिमा स्थापना का विरोध किया जा रहा है। 18 सितंबर की रैली को इसी विरोध और स्टेडियम की पहचान बचाने की मांग को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 

बैठक में बामिया बारी, चैतन्य कुंकुल, सुखलाल पुरती, इपिल समाड, रवि बिरुली, शेरसिंह बिरुवा, सुरेंद्र पूर्ति, रमेश बालमुचू, नरेंद्र पाड़ेया, हरीश बोदरा, सत्यव्रत बिरुवा, लालसिंह चातोम्बा, विजय सिंह सुमबुरुई, निर्मल सिंकू, साधु बन्डरा सहित कई लोग मौजूद थे।

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