चक्रधरपुर में दरिंदगी: नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, POCSO एक्ट के तहत कसा शिकंजा
चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन परिसर में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के मुख्य आरोपी पिक्लू प्रधान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

पीड़िता को एक महीने तक गुजरात में बंधक बनाकर यौन शोषण करने और चक्रधरपुर लौटने पर भी दुष्कर्म करने का आरोप है, जिस पर पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ।
HighLights
पिक्लू प्रधान पर पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ।
पीड़िता को गुजरात ले जाकर एक महीने तक यौन शोषण किया।
जासं, चक्रधरपुर। चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन परिसर से सामने आए नाबालिग से दुष्कर्म के गंभीर मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी पिक्लू प्रधान को गिरफ्तार कर लिया है।
पीड़िता की शिकायत और गंभीर आरोपों के आधार पर महिला थाना में पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
मारपीट के बाद सामने आया था पूरा मामला
उल्लेखनीय है कि सोमवार को चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन के सेकेंड एंट्री परिसर में नाबालिग के साथ हुई मारपीट के बाद इस पूरी वारदात का खुलासा हुआ था।
सूचना मिलते ही स्टेशन पर तैनात आरपीएफ (RPF) और जीआरपी (GRP) की टीम ने मौके पर पहुंचकर पीड़िता को छुड़ाया था और अपनी सुरक्षा में लिया था।
एक महीने तक गुजरात में बंधक बनाकर दुष्कर्म का आरोप
पूछताछ में पीड़िता ने पुलिस को आपबीती सुनाते हुए बताया कि एक शादीशुदा युवक उसे झांसे में लेकर अपने साथ ले गया था।
आरोपी पिछले एक महीने से उसे गुजरात समेत विभिन्न स्थानों पर ले जाकर उसके साथ यौन शोषण करता रहा। घटना से पीड़िता इस कदर डरी-सहमी हुई थी कि वह ठीक से अपनी बात भी नहीं रख पा रही थी।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि चक्रधरपुर लौटने के बाद भी आरोपी और उसके साथियों ने अलग-अलग जगहों तथा एक ईंट भट्ठे पर उसके साथ दुष्कर्म किया।
सोमवार को आरोपी उसे स्टेशन पर छोड़कर चला गया, लेकिन बाद में दोबारा सेकेंड एंट्री परिसर में बुलाकर उसके साथ मारपीट की गई, जिसके बाद रेल पुलिस ने हस्तक्षेप कर मामले को संभाला।
चंद घंटों में मुख्य आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
इस मामले में चक्रधरपुर महिला थाना में पोक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़िता द्वारा नामजद मुख्य आरोपी पिक्लू प्रधान को चंद घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अब मामले में शामिल अन्य संदिग्ध युवकों की भूमिका की जांच कर रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
भूखी पीड़िता को अधिकारियों ने कराया भोजन
स्टेशन पर शुरुआती पूछताछ के दौरान जब डरी-सहमी नाबालिग ने बताया कि उसने कई घंटों से कुछ नहीं खाया है, तो आरपीएफ और जीआरपी के अधिकारियों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उसे तत्काल भोजन कराया।
इसके बाद उसे महिला थाना के सुपुर्द कर दिया गया, जहां उसे चिकित्सकीय सहायता और कानूनी संरक्षण प्रदान किया जा रहा है।
मामला बेहद गंभीर है और इसे संज्ञान में लेते हुए चक्रधरपुर थाना प्रभारी को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच व संलिप्त अपराधियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है।
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अमित रेनू, एसपी, पश्चिमी सिंहभूम
