यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 25, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
झारखंड में पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग, नौ लोगों की मौत; 25 घायल
सीएम रघुवर दास ने हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को मुख्यमंत्री ने दो-दो लाख रुपये सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया है।

जेएनएन, बहरागोड़ा (घाटशिला)। पूर्वी सिंहभूम जिले के बड़शोल थाना क्षेत्र के कुमारडूबी गांव में अवैध रूप से चल रहे पटाखा फैक्ट्री में आग लगने से नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 अन्य घायल हो गए। आग की चपेट में आकर करीब 12 घर खाक हो गए। कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। बचाव के लिए एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई है। बचाव का कार्य जोरों पर चल रहा है। बीच-बीच में अब भी विस्फोट हो रहा है।
चार मृतकों व सभी घायलों की शिनाख्त
रविवार को हुए इस हादसे में मारे गए लोगों में पार्वती सातरा कुमारडूबी, चतुर्भू जैना रघुनाथपुर, सत्यरंजन नंदी कुमारडूबी शामिल हैं। सत्यरंजन की मौत इलाज के दौरान सीएचसी में हो गई, जबकि पार्वती सातरा और चतुर्भू जैना की मौत की पुष्टि परिजनों ने की है। वहीं, जमशेदपुर टीएमएच में इलाज के दौरान पश्चिम बंगाल के गोविन्दपुर निवासी बनमाली महा की मौत हो गई। पाटपुर निवासी दीपक साव की स्थिति गंभीर है। टीएमएच में इलाज चल रहा है। वहीं पतीत पावन दलाई व अन्य कई गंभीर हैं।
हादसे में 12 परिवारों का घर जलकर खाक
इस हादसे में 12 परिवारों का घर पूरी तरह खाक हो गया है। प्रभावितों में आदु सातरा, कुना प्रमाणिक, मंटू प्रमाणिक, बादु प्रमाणिक, सुरा प्रामणिक, बंकू प्रमाणिक, हीरा प्रमाणिक, सुरा प्रमाणिक, गौरी शंकर कंड, हरिपदो सातरा, बाबला सातरा शामिल हैं।
मुस्तैद है पूरा प्रशासन, देर रात तक राहत कार्य जारी
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन की ओर से तीन एंबुलेंस व दो दमकल मंगाया गया है। देर रात तक आग पर काबू पाने की कोशिश जारी है। बीच-बीच में विस्फोट होने से दमकल कर्मियों को आग बुझाने में परेशानी हो रही है। बचाव व राहत कार्य जारी है। बीडीओ ललित प्रसाद ङ्क्षसह, सीओ अभय कुमार झा, थाना प्रभारी विनोद कुमार पासवान, बहरगोड़ा थाना प्रभारी विनोद कुमार ङ्क्षसह, एसडीपीओ राजेन्द्र प्रसाद दुबे व एसडीओ मौके पर डटे हैं। ग्रामीण एसपी प्रभात कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक अनूप टी मैथ्यू व उपायुक्त अमित कुमार भी मौके पर पहुंच गए हैं।
यहां पटाखे बनने की नहीं थी जानकारी : थाना प्रभारी
बड़शोल के थाना प्रभारी विनोद पासवान ने मीडिया से कहा कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पटाखे बनाने का धंधा चलता है, इसकी जानकारी नहीं थी। जो भी अवैध रूप से पटाखे बनाने के कार्य से जुड़े हैं, उनके के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस क्षेत्र में किसी को पटाखे बनाने का लाइसेंस नहीं मिला है। इससे ज्यादा अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।
कुमारडूबी में साप्ताहिक हाट की वजह से थी भीड़
कुमारडूबी में साप्ताहिक हाट लगने के कारण खचाखच भीड़ थी। पटाखा बनाने वाले दुर्गा दुर्गा सातरा का मकान भी सड़क किनारे है। उनके मकान में जैसे ही आग लगी, विस्फोट होने के कारण तीन मंजिला मकान की दीवार गिर गई। कई मोटरसाइकिलें दब गईं तथा कई लोग जख्मी हो गए।
दशकों से चल रहा पटाखा कारोबार
कुमारडूबी गांव में अवैध तरीके से पटाखा निर्माण का धंधा कई दशक से फल-फूल रहा है। गांव के कई लोग इस धंधे में लगे हुए हैं। यहां बिना किसी सुरक्षा मानक के पटाखे बनाए जाते हैं। अगर यह कहा जाए कि पूरा कुमारडूबी गांव बारूद के ढेर पर बैठा है तो अतिशयोक्ति नहीं होगी।
घटना की गढ़ी जा रही झूठी कहानी
आग लगने की घटना सबसे पहले दुर्गा सातरा के घर में हुई। दुर्गा संतरा ने बताया कि लगभग साढ़े चार बजे विद्युत मीटर में वज्रपात होने के बाद शॉटसर्किट से आग लग गई। इससे पार्वती सातरा की मौत हो गई। लेकिन सच्चाई यह है कि दुर्गा सातरा क्षेत्र का सबसे बड़ा पटाखा कारोबारी है। घर में ही पटाखे बनते हैं। तीन मंजिला घर विभिन्न तरह के पटाखों से भरा हुआ था। उसका कहना है कि मैंने बेटे के विवाह के लिए पटाखे खरीदे थे। खैर इस घटना का केंद्र ङ्क्षबदु दुर्गा सातरा का घर रहा। घटना में लगभग एक दर्जन घर जल कर राख हो गए हैं।
सांसद विद्युत वरण महतो ने सीएम को दी जानकारी
घटना की सूचना मिलने के बाद चाकुलिया से सांसद विद्युत वरण महतो गांव पहुंचे। उन्हें भी घटना स्थल तक पहुंचने में काफी परेशानी हुई। वेे पीडि़त परिवारों से मिले। कहा कि हर संभव मदद करेंगे। सांसद ने कहा कि घटना की सूचना मुख्यमंत्री को दी है। उन्होंने ने भी घटना की वजह वज्रपात बतायी। कहा कि सीएम रघुवर दास ने आश्वासन दिया है कि पीडि़त परिवारों को हर सुविधा मुहैया कराई जाएगी। उन्होंने घायलों के बेहतर इलाज के लिए प्रशासन को निर्देश दिया गया है।
विधायक ने सीएम से की उच्च स्तरीय जांच की मांग
कुमारडूबी गांव में आग लगने की घटना के बाद बहरागोड़ा के विधायक कुणाल षाड़ंगी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। गांव की स्थिति काफी भयावह होने के कारण पार्टी के युवा मोर्चा सदस्यों को राहत कार्य के लिए कुमारडूबी पहुंचने का निर्देश दिया। विधायक ने बताया कि ग्रामीणों के सहयोग से घायल को अस्पताल भेजा जा रहा है। विधायक ने कहा कि भारी मात्रा में बारूद व पटाखा रखने के कारण हुई घटना की उच्चस्तरीय जांच मुख्यमंत्री कराएं। उधर, जमशेदपुर सांसद विद्युत वरण महतो भी सूचना मिलने पर घटना स्थल पहुंचे।
उपायुक्त ने की मुआवजे की घोषणा मृतकों के परिजन को दो लाख
घाटशिला : देर रात घटना स्थल पर पहुंचे उपायुक्त अमित कुमार ने बताया कि गंभीर रूप से घायलों का इलाज जिला प्रशासन करा रहा है। मुआवजे के तौर पर मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये तथा गंभीर रूप से घायलों को पचास हजार रुपये दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने दो-दो लाख रुपये सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया
जमशेदपुर के बहरागोड़ा प्रखंड के कुमारडुबी गांव में पटाखा फैक्ट्री में आग लगने की वजह से मरे लोगों के परिजनों को मुख्यमंत्री ने दो-दो लाख रुपये सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया है। हादसे में घायलों को पचास हजार रुपए की सहायता राशि दी जाएगी।
मुख्य सचिव राजबाला वर्मा ने बताया कि कोल्हान प्रमंडल के आयुक्त तथा डीआईजी पूरे मामले की जांच करेंगे। संबंधित थाना क्षेत्र के थाना प्रभारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
8 people dead, 25 injured after fire broke out at a firecracker factory in #Jharkhand's #Kumardubi; five fire tenders at the spot. pic.twitter.com/OGxMhC46om
— ANI (@ANI) September 25, 2017
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जमशेदपुर के समीप कुमारडुबी गांव में हुई हृदयविदारक दुर्घटना से व्यथित हूं। मृतकों के परिजनों को 2 लाख की संवेदना राशि राज्य सरकार देगी।
— Raghubar Das (@dasraghubar) September 25, 2017
घायलों को 50 हजार की सहायता राशि राज्य सरकार देगी।घायलों के इलाज की समुचित व्यवस्था की गई है।मुख्य सचिव की निगरानी में राहत कार्य चल रहा है।
— Raghubar Das (@dasraghubar) September 25, 2017
