रागी वर्ष में 200 क्विटल मड़ुआ बीज का होगा वितरण उपायुक्त ने कृषि विभाग के कार्यो की समीक्षा करते हुए कई निर्देश दिए जासं,सिमडेगा:उपायुक्त सुशांत गौरव ने जिला कृषि विभाग की समीक्षात्मक बैठक की।उन्होंने विभाग अंतर्गत प्राप्त बीज व किसानों के बीच बीज वितरण से संबंधित विस्तृत समीक्षा की।बताया गया कि चालू वित्तीय वर्ष में बीज विनिमय योजना के तहत 50 प्रतिशत अनुदान पर धान बीज यथा प्रभेद आईआर64, एमटीयू1001 एवं डीआरआरएच-2 कुल 480 क्विटल किसानों के बीच वितरण किया जा चुक है।इधर डीसी ने बताया कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान किसान खेतों में काम करते देखे गए।साथ हीं कृषि कार्य हेतु खेत तैयार भी पाये गए। धान बीज अभी भी विभाग के अंतर्गत उपलब्ध है। 50 प्रतिशत अनुदान पर विभाग के द्वारा दिये जा रहे, उन्नत बीज का लाभ लें। उन्होंने बेहतर पैदावार हेतु सरकार के द्वारा विभिन्न प्रकार के दिये जा रहे बीज का लाभ लेते हुए कृषि कार्य को बढ़ावा देने की बात कही। उपायुक्त ने जिला कृषि पदाधिकारी को कहा कि गांव के किसानों से बीज से संबंधित की सूची तैयार कर लें। उसके अनुसार उन्हें बीज उपलब्ध कराएं। लघु सिचाई विभाग के डैम के जलाशय से निकले वाले नहरों से कितने किसानों को बारिश नहीं होने पर सिचाई सुविधा का लाभ मिलेगा, इन पहलुओं का सर्वे करते हुए कृषि कार्य कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि सुविधा के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों के आर्थिक विकास में भी वृद्धि हो। तभी योजना का सही उपयोगिता सुनिश्चित होगी। धान के साथ-साथ मड़ुआ - 200,मक्का - 100, मूंगफली 200 क्विटल उन्नत बीज का जिले के किसानों के बीच वितरण किया जाएगा। उपायुक्त ने किसानों की सूची तैयार करते हुए बीज प्राप्ति के उपरांत ससमय वितरण सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया।डीसी

ने मिट्टी जांच कर रिपोर्ट अविलंब किसानों को देने की बात कही।मिट्टी जांच के

फायदे के बारे में किसानों को जानकारी देने की बात कही।उपायुक्त ने किसानों से अपील के माध्यम से बताया कि जिले में धान बीज कुल 721 क्विटल प्राप्त हुआ है। जिसमें 480 क्विटल धान का वितरण किया जा चुका है। मिट्टी की गुणवत्ता को बनाए रखने हेतु जैविक विधि से कृषि कार्य करने कर बात कही। इस वर्ष 200 क्विटल मड़ुआ बीज का वितरण किसानों के बीच कराते हुए रागी वर्ष के रूप में मनाया जायेगा।मत्स्य पदाधिकारी को बारिश को देखते हुए मत्स्य बीज वितरण ससमय कराने का निर्देश दिया। टीम को ग्राउंड में लगाते हुए मछली पालन की दिशा में ससमय वितरण सुनिश्चित कराने की बात कही। 21 जून को आयोजित बैठक में मत्स्य पालन से संबंधित विभिन्न योजना के चिह्नित लाभुक को योजना का लाभ देने हेतु स्वीकृत किया जाएगा। जिला पशुपालन पदाधिकारी को बकरी, मुर्गी पालन के प्रोजेक्ट का पंपलेट के द्वारा प्रचार-प्रसार कराने की बात कही। इसके अलावे अन्य महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए।बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, परियोजना निदेशक आत्मा के अलावे अन्य उपस्थित थे।

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