सरायकेला में जल, जंगल और जमीन पर अधिकार को लेकर एकजुट हुए 7 गांवों के लोग; वनपट्टा की मांग पर संघर्ष का ऐलान
सरायकेला के राजनगर प्रखंड में कोल्हान रक्षा संघ ने 7 गांवों के ग्रामीणों के साथ मिलकर जल, जंगल और जमीन पर अधिकारों तथा वनपट्टा की मांग को लेकर सभा की।

एकजुट हुए 7 गांवों के लोग
HighLights
कोल्हान रक्षा संघ ने राजनगर में सभा आयोजित की।
जल, जंगल, जमीन और वनपट्टा पर अधिकार की मांग।
ग्रामीणों को एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया।
संवाद सूत्र, राजनगर। राजनगर प्रखंड की जोनबानी पंचायत अंतर्गत धानुडीह गांव में मंगलवार को कोल्हान रक्षा संघ की सभा आयोजित की गई। इस मौके पर कोल्हान रक्षा संघ के केंद्रीय अध्यक्ष डिबर जोंको और समिति सदस्य मेघराय मार्डी उपस्थित थे।
बैठक में धुरीपदा, धानुडीह, चावरां, हनुमातबेड़ा , फुलझूरी, बड़डीह और भुरकुली समेत आसपास के सात गांवों के ग्रामीण शामिल हुए। बैठक में वनपट्टा, जल, जंगल और जमीन पर अधिकार, शिक्षा तथा शोषण जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
जल, जंगल और जमीन आजीविका से जुड़े महत्वपूर्ण संसाधन
सभा में ग्रामीणों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने और वनपट्टा की मांग को लेकर सामूहिक प्रयास करने पर जोर दिया गया। केंद्रीय अध्यक्ष डिबार जोंको ने कहा कि जल, जंगल और जमीन ग्रामीणों के जीवन और आजीविका से जुड़े महत्वपूर्ण संसाधन हैं। इन पर अपने अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए ग्रामीणों को संगठित होकर आगे आने की जरूरत है।
उन्होंने वनपट्टा प्राप्त करने के लिए एकजुट होकर प्रयास जारी रखने का आह्वान किया। इस दौरान संघ के गठन, उद्देश्यों और प्रमुख मुद्दों की जानकारी दी। उन्होंने वनपट्टा दिलाने के लिए संघ की ओर से किए जा रहे प्रयासों तथा जिन गांवों में इस दिशा में पहल की गई है, उनके बारे में भी ग्रामीणों को बताया।
वक्ताओं ने शिक्षा और ग्रामीणों के साथ होने वाले शोषण के मुद्दों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को अपने अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए, ताकि वे समस्याओं के समाधान के लिए उचित मंच पर अपनी आवाज उठा सकें। कार्यक्रम में विभिन्न गांवों के ग्राम प्रधान, गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थीं।
