यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 23, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नाबालिग ने अस्पताल के सामने सड़क पर दिया बच्चे को जन्म
नाबालिग ने सड़क पर बच्चे को जन्म दिया। घटना झारखंड के चांडिल की है।

जागरण संवाददाता, सरायकेला। झारखंड के चांडिल में एक नाबालिग ने बच्चे को सड़क पर जन्म दिया। स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र से कुछ ही दूरी पर मंगलवार तड़के एक नाबालिग प्रसव पीड़ा से कराहती रही, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी संवेदनहीन बने रहे।
कुछ ही दूरी पर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों को स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना दी। सूचना देने के बावजूद न चिकित्सक पहुंचे और न ही कोई स्वास्थ्यकर्मी। इतना ही नहीं एंबुलेंस भी नहीं भेजी गई।
स्थानीय लोगों ने ऑटो की व्यवस्था कर प्रसूता को अस्पताल पहुंचाया। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि जब वह सुबह चार बजे फूल तोड़ने घर से निकले तो देखा कि एक किशोरी सड़क पर ही बच्चे को जन्म देकर बेसुध पड़ी है। उसकी मानसिक स्थिति सही नहीं लग रही थी। स्थानीय लोगों के साथ इसकी सूचना सीएचसी को दी गई, परंतु अस्पताल के किसी भी कर्मचारी नहीं पहुंचा।
लड़की के बारे में बताया जा रहा है कि वह अविवाहित है। वह अपनी विधवा मां के साथ रहती थी, लेकिन जब उसकी मां को यह मालूम हुआ कि वह गर्भवती है, तो उसकी मां ने उसे घर से निकाल दिया। घटना चांडिल डैम रोड स्थित रानीसती मंदिर के निकट की है। मां द्वारा घर से निकाले जाने के बाद वह इधर-उधर भटकती रहती थी।
आज तड़के तीन बजे उसे प्रसव पीड़ा होने लगी, तो वह चांडिल स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। उस समय स्वास्थ्य केंद्र बंद था। लड़की बहुत चीखी-चिल्लाई और दरवाजा भी खटखटाया, लेकिन किसी कर्मचारी ने दरवाजा नहीं खोला। सुबह उसने स्वास्थ्य केंद्र के बाहर ही बच्चे को जन्म दिया। घटना की सूचना मिलने पर सिविल सर्जन एपी सिन्हा स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही कुछ बता पाऊंगा।
थाने से नाबालिग को मिली मदद
अस्पताल कर्मियों द्वारा ध्यान नहीं देने पर लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिसकर्मियों और स्थानीय महिलाओं की मदद से प्रसूता को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
केंद्र प्रभारी ने कहा, खोज रहे थे ड्राइवर
स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. लखिंद्र हांसदा ने अस्पताल की गलती स्वीकारते हुए कहा कि उन्हें सुबह इसकी जानकारी मिली थी, लेकिन जब तक एंबुलेंस के ड्राइवर को खोजा गया तब तक स्थानीय लोग प्रसूता को अस्पताल ले आए। जच्चा-बच्चा को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। प्रसूता की स्थिति सामान्य होने पर ही कुछ कहा जा सकता है।
