सरायकेला, जागरण संवाददाता: नाबालिग से दुष्कर्म मामले में विशेष न्यायाधीश पोक्सों एक्ट एडीजे-1 अमित शेखर की कोर्ट ने गुरुवार को आरोपित चाचा बुर्गी तियु को भादवि की धारा-376, पोक्सो एक्ट-6 के तहत आजीवन कारावास (जब तक सांस चलेगी) की सजा सुनाई है। साथ ही 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।

अर्थदंड की राशि नहीं देने पर दो वर्ष की अतिरिक्त सजा होगी। अर्छदंड से प्राप्त राशि (15 हजार रुपये) पीड़िता को देने का निर्देश दिया गया है। यह मामला 22 जुलाई 2019 का है। इस मामले को लेकर राजनगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।

पीड़िता की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार, प्रतिदिन की तरह वह 15 दिसंबर 2018 को शाम में शौच के लिए गई थी। वापसी के दौरान चापाकल पर आई तो गांव के रिश्ते में चाचा बुर्गी तियु, जो छात्रा के स्कूल के शिक्षक भी हैं, नाबालिग को पकड़ कर अपने घर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया।

भय के कारण पीड़िता ने किसी को इस घटना की जानकारी नहीं दी। हालांकि कुछ दिनों बाद पीड़िता को उल्टी होने की शिकायत हुई तो स्वजन उसे जांच के लिए सहिया के पास ले गए। जांच के दौरान नाबालिग के गर्भवती होने की पुष्टि हुई। इसके बाद राजनगर थाना में आरोपित के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।

Edited By: MOHAMMAD AQIB KHAN