संवाद सूत्र, राजनगर : राजनगर प्रखंड के गोविंदपुर पंचायत की मुखिया सावित्री मुर्मू पर आरटीआई कार्यकर्ता दिनेश महतो द्वारा योजनाओं को धरातल पर बगैर उतारे राशि गबन करने के आरोप को बीडीओ प्रेमचंद कुमार सिन्हा ने तथ्यहीन और निराधार बताते हुए खारिज कर दिया।

पत्रकारों को जानकारी देते हुए बीडीओ ने बताया कि गोविदपुर पंचायत की मुखिया सावित्री मुर्मू ने 14वें वित्त आयोग में कोई गड़बड़ी नहीं की है। मुखिया द्वारा काम कराए गए सारी योजनाओं की बैंक डिटेल्स निकाली गई है। जिसमें जिन योजनाओं पर काम हुआ है उसी की निकासी हुई है। जिस पर कोई काम नहीं हुआ है। उसपर कोई निकासी नहीं हुई है। आरटीआई में जिन योजनाओं का जिक्र कर गड़बड़ी बताई जा रही है, वह प्लान प्लस की योजनाएं हैं। जो पंचायती राज ग्रामीण विकास विभाग प्लान प्लस में प्रविष्ट मात्र हैं। उन पर काम चालू नहीं हुआ है। बीडीओ ने कहा कि मुखिया के बारे में कुछ लोग सोशल मीडिया और कुछ अखबारों में गलत जानकारी देकर प्रकाशित करवा रहें हैं। प्रशासन ने पता लगा लिया है कि साजिश के पीछे बीरेंद्र मंडल का हाथ है। इसका मुखिया के साथ विवाद से नाता रहा है। जेल से बेल पर छूटकर निकला है। बिना सच्चाई जाने किसी जनप्रतिनिधि का चरित्र हनन करना ठीक नहीं है। बीडीओ ने यह भी बताया कि आरटीआई से कोई योजना नहीं मांगी गई हैं। पंचायती राज विभाग के प्लान प्लस सॉफ्टवेयर डाउनलोड की गई है। इसमें कार्यकारिणी से पारित वर्ष 2018-19 की योजनाओं को ली गई है। इसे अपूर्ण बताकर गलत आरोप लगाया गया है।

क्या है सच्चाई

बीडीओ ने बताया कि पंचायती राज विभाग के प्लान प्लस सॉफ्टवेयर में सारी योजनाओं की प्रविष्टि की जाती है। इन योजनाओं को ग्राम पंचायत कार्यकारणी पारित करती हैं। इन्हीं योजना में सरकार द्वारा प्रदत्त राशि से कार्यान्वित की जाती है। राशि के अनुसार ही कुछ योजनाओं को धरातल पर उतारी जाती हैं। पूर्ण योजनाओं की प्रविष्टि ग्राम पंचायत में संधारित योजना पंजी में की जाती है। शेष योजनाएं प्लान प्लस में दिखती रहती है जब उन योजनाओं में किसी प्रकार की राशी व्यय नहीं की जाती है। वे सारी योजना प्रतीक्षा में रहती है। वहीं बीडीओ ने कहा कि दिनेश महतो नामक व्यक्ति ने जो आरोप मुखिया पर अवैध निकासी व गबन करने का आरोप लगाया है। वह पूरी तरह गलत और निराधार हैं।

मुझे बदनाम करने की कोशिश : मुखिया

गोविदपुर पंचायत की मुखिया सावित्री मुर्मू ने कहा कि मेरे ऊपर जो भी अवैध निकासी और गबन का आरोप लगाए गए हैं सभी गलत और निराधार हैं। मेरे पंचायत में जो भी काम हुआ है उसी की निकासी की गई है। सोशल मीडिया में फोटो डालकर मुझे आरोपी बताया जा रहा है। कोई भी योजना जब बनती है तो ग्राम प्रधान, ग्राम सेवक, इंजीनियर, मुखिया आदि पदाधिकारी होते हैं। उनकी सबकुछ जानकारी में होती हैं। जिस योजना में काम नही हुआ उस योजना के बारे में लोगो के बीच भ्रम फैलाया जा रहा है। कुछ अखबारों में मेरे खिलाफ बिना सच्चाई जाने ही खबर को प्रकाशित करवा दिया गया। सिर्फ दैनिक जागरण ने मेरा पक्ष लिया। एक आदिवासी महिला को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। बार-बार झूठी खबर छपवा कर बीरेंद्र मंडल मुझे बदनाम कर रहा हैं ।

Posted By: Jagran

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