जासं, सरायकेला : उत्क्रमित उच्च विद्यालय कृष्णापुर में गुरुवार को वीर शहीद लुत्तु बानरा की पुण्यतिथि मनाई गई। श्रद्धांजलि अर्पित करने बाद प्रभारी प्रधानाध्यापक बुधराम गोप ने कहा कि शहीद लुत्तु बानरा इसी विद्यालय के पूर्व छात्र थे। झारखंड में बतौर आरक्षी शपथ लेते हुए उन्होंने कहा था कि अगर मैं कर्तव्य की बलिवेदी पर वीरगति को प्राप्त हो जाऊं तो मेरी यही अंतिम इच्छा है कि मेरी एक तस्वीर मेरे विद्यालय में भेज दी जाए। यह तस्वीर आने वाली पीढ़ी को सदियों तक कर्तव्य मार्ग पर चलते हुए देश के लिए सर्वोच्च बलिदान की प्रेरणा देगी।

ज्ञात हो कि बोकारो जिले के नरकंडी गांव में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में 5 दिसंबर 2003 को अदम्य साहस और वीरता का परिचय देते हुए आरक्षी 713 लुत्तु बानरा वीरगति को प्राप्त हुए। मरणोपरांत उन्हें वीरता के लिए 2005 में 'झारखंड मुख्यमंत्री पदक' तथा 2012 मे ं'राष्ट्रपति पुलिस पदक' से अलंकृत किया गया।

शिक्षक विश्वजीत सतपथी ने कहा कि पुलिस मुख्यालय ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए विद्यालय को उनकी एक तस्वीर भेजी है। यह तस्वीर सदैव हमें कर्तव्य मार्ग पर डटे रहने की प्रेरणा देती रहेगी। शिक्षकों व विद्यार्थियों ने उनके चित्रपट पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति की कामना की गई। मौके पर शिक्षक जगन्नाथ प्रधान, श्याम लाल महतो, गीता महतो, रेणुका महतो, सुकांति हाइबुरू व भारी संख्या में विद्यार्थी मौजूद थे।

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