संसू, ईचागढ़ : कुकड़ू प्रखंड क्षेत्र के डॉटम निवासी डॉक्टर विश्वनाथ महतो का निधन मंगलवार को हो गया। परिजनों ने बताया कि वे अपने डॉटम स्थित एक्यूप्रेशन अस्पताल में मरीजों को देख रहे थे। इसी बीच अचेत होकर गिर गये। जिसके बाद उनके मुंह से झाग निकलने लगा। परिजन व अस्पतालकर्मी उन्हें जमशेदपुर स्थित टीएमएच ला रहे थे। लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गयी। घटना की खबर सुनते ही प्रखंड क्षेत्र में मातम पसर गयी और लोग उनके आवास पर पहुंचने लगे। बता दें, डॉ विश्वनाथ ने एक्यूप्रेशर पद्धति से इलाज करने के लिए डॉटम में ही दस बेड का अस्पताल बनवाया था। जहां रांची, पोटका, पटमदा, जमशेदपुर, सरायकेला, ओडिशा, पश्चिम बंगाल से मरीज शुगर, ब्लड प्रेशर, पैरालाइसिस समेत अन्य गंभीर बीमारियों की इलाज के लिए आते थे। अस्पताल में एक्यूप्रेशर व नेचुरोपैथी पद्धति से यहां मरीजों की सफलतापूर्वक इलाज की जाती थी। 2010 में बने इस अस्पताल में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों के डॉक्टर भी इलाज के लिए आते थे। हाल के दिनों में भी आस्ट्रेलिया के चिकित्सक अस्पताल में भर्ती मरीजों की इलाज कर रहे थे। मंगलवार को डॉक्टर विश्वनाथ के निधन के बाद क्षेत्र के लोगों में मायूसी व निराशा छा गयी है। उनके निधन पर प्राचार्य उपेनचंद्र महतो, प्राधानाध्यापक सत्यविचार सिंह, पुलिस जवान कमल कुमार महतो, साबिर अहमद, शिक्षक माणिक बनर्जी के अलावा रविंद्र मछुआ, खेलराम बेदिया, लक्ष्मा महतो समेत दर्जनों लोगों ने अपूरणीय क्षति बताया है।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस