साहिबगंज पुलिस की अनूठी पहल: पुलिसकर्मी अब BNS के साथ साहित्य का भी करेंगे अध्ययन
BNS Lessons for the Khaki Force : साहिबगंज पुलिस अधीक्षक ने पुलिसकर्मियों के लिए एक आधुनिक लाइब्रेरी की पहल की ...और पढ़ें

साहिबगंज में कानून की किताब पढ़ते पुलिस-पदाधिकारी। (एआइ फोटो)
संवाद सहयोगी, साहिबगंज। BNS Studies पुलिसकर्मियों को कानून की जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें अध्ययन और साहित्य से जोड़ने की दिशा में साहिबगंज पुलिस अधीक्षक ने एक नई पहल की है। पुलिस लाइन स्थित एसपी कार्यालय के ऊपरी तल्ले पर पुलिस विभाग के लिए आधुनिक लाइब्रेरी तैयार की जा रही है।
शिक्षक दिवस के अवसर पर पांच सितंबर को पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह इसका उद्घाटन करेंगे। लाइब्रेरी में कानून से संबंधित पुस्तकों के साथ हिंदी साहित्य के प्रमुख लेखकों और कवियों की रचनाएं उपलब्ध रहेंगी।
पुलिस विभाग के लिए तैयार की जा रही इस लाइब्रेरी में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), भारतीय साक्ष्य अधिनियम सहित अन्य कानूनों से संबंधित पुस्तकें रखी जाएंगी।
इसके अलावा पुलिसकर्मियों की आवश्यकता को देखते हुए भारतीय दंड संहिता (आइपीसी) और दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) से संबंधित संदर्भ सामग्री भी उपलब्ध कराई जा सकती है। इससे पुलिस पदाधिकारी और कर्मी विभिन्न मामलों में कानूनी प्रावधानों की जानकारी हासिल कर सकेंगे।
साहित्य की किताबों से भी बढ़ेगा ज्ञान
लाइब्रेरी में केवल कानून से जुड़ी किताबें ही नहीं, बल्कि हिंदी साहित्य के चर्चित लेखकों व कवियों की रचनाओं को भी शामिल किया जाएगा। इसमें मुंशी प्रेमचंद की कहानियां और उपन्यास, कबीरदास की रचनाएं, रामधारी सिंह दिनकर की कविताएं, सुमित्रानंदन पंत और सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' की साहित्यिक कृतियां शामिल होंगी।
पुलिस पदाधिकारी ने बताया कि पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान लगातार तनावपूर्ण परिस्थितियों में काम करना पड़ता है। अपराध नियंत्रण, विधि-व्यवस्था और अन्य विभागीय जिम्मेदारियों के बीच उन्हें मानसिक थकान का सामना भी करना पड़ता है। ऐसे में खाली समय में साहित्यिक किताबें पढ़ने से उन्हें मानसिक रूप से राहत मिलने के साथ ज्ञानवर्धन भी होगा।
कंप्यूटर और प्रोजेक्टर की भी सुविधा : एसपी कार्यालय में तैयार की जा रही लाइब्रेरी को आधुनिक सुविधाओं से भी लैस किया जा रहा है। यहां कंप्यूटर और प्रोजेक्टर की सुविधा उपलब्ध रहेगी। पुलिस प्रशासन को समय-समय पर वीडियो कांफ्रेंसिंग और विजुअल मीटिंग में शामिल होना पड़ता है।
इसके लिए आवश्यक तकनीकी सुविधा भी लाइब्रेरी में उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। इससे पुलिस पदाधिकारी लाइब्रेरी का उपयोग अध्ययन के साथ विभागीय बैठकों के लिए भी कर सकेंगे।
कानून की जानकारी में मिलेगी मदद
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह ने बताया कि लाइब्रेरी में पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को कानून से संबंधित विभिन्न प्रकार की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने कहा कि पुलिस का काम लगातार दबाव और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों वाला होता है।
ऐसे में कर्मियों को अपने खाली समय का सकारात्मक उपयोग करने के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना जरूरी है। एसपी ने कहा कि पुलिसकर्मी कानूनी पुस्तकों के अध्ययन से अपने ज्ञान को बढ़ा सकेंगे।
वहीं, हिंदी के प्रसिद्ध साहित्यकारों की कहानियां, कविताएं और अन्य रचनाएं पढ़कर वे मानसिक तनाव को कम करने और खुद को तरोताजा रखने का प्रयास कर सकते हैं। शिक्षक दिवस के अवसर पर शुरू होने वाली यह लाइब्रेरी पुलिस विभाग में अध्ययन की संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ कानून और साहित्य दोनों से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगी।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।