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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 12, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Sahibganj Crime: प्रेमजाल में फंसाकर अरबाज ने की आदिवासी युवती को बेचने की कोशिश, भेद खुला तो कर दी हत्या

By Jagran NewsEdited By: Mohit Tripathi
Published: Sun, 12 Mar 2023 07:59 PM (IST)

प्रेमजाल में फंसाकर बरहेट थाना क्षेत्र के संजौली गांव की 26 वर्षीय सुशीला हांसदा की हत्या देवघर के पालोजोरी थाना ...और पढ़ें

जनवरी को दुमका के शिकाड़ीपाड़ा थाना क्षेत्र से बरामद किया गया था अज्ञात शव।
जनवरी को दुमका के शिकाड़ीपाड़ा थाना क्षेत्र से बरामद किया गया था अज्ञात शव।

संवाद सहयोगी, साहिबगंज: प्रेमजाल में फंसाकर बरहेट थाना क्षेत्र के संजौली गांव की 26 वर्षीय सुशीला हांसदा की हत्या देवघर के पालोजोरी थाना क्षेत्र के माथाडंगाल निवासी अरबाज आलम ने पत्नी व अन्य साथियों के साथ मिलकर 12 जनवरी 2022 की रात कर दी।

साक्ष्य छिपाने के लिए शव को शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के भुगतानडीह जंगल में ले जाकर पेट्रोल छिड़क कर जला दिया। शिकारीपाड़ा थाने की पुलिस ने 13 जनवरी 2022 को उसका शव बरामद किया था। हालांकि, उसकी पहचान नहीं हो पाई थी। इधर, जब बरहेट थाने की पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू की तो पता चला कि शव सुशीला हांसदा का था।

इस मामले में अरबाज आलम, उसकी पत्नी मिसलता टूडू उर्फ रेहिना बीवी, शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के सुंदरा फलान गांव की प्रियंका मुर्मू और कोलहा गांव के साहिल अंसारी उर्फ थाला को गिरफ्तार कर लिया है। अरबाज आलम एवं उसकी पत्नी की गिरफ्तारी केरल से हुई है।

जानकारी के अनुसार, सुशीला हांसदा के भाई जोनस हांसदा ने पांच अगस्त 2022 को बरहेट थाने में अपनी बहन की गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया था। इसके बाद पुलिस ने उसकी खोजबीन शुरू की। नौ अगस्त 2022 को उसमें मानव तस्करी की धारा जोड़ी गई और अरबाज आलम को आरोपी बनाया गया। इसके बाद पुलिस मामले का जांच कर रही थी, इसी बीच यह खुलासा हुआ।

गिरफ्तार शिकारीपाड़ा थाना के सुंदरा फलान गांव निवासी 26 वर्षीय प्रियंका मुर्मू एवं कोलहा गांव निवासी 20 वर्षीय साहिल अंसारी उर्फ थाला ने पुलिस को बताया कि इंटरनेट मीडिया पर बातचीत के दौरान अरबाज ने शादी का झांसा देकर सुशीला को अपने किराए के घर शिकारीपाड़ा बुलाया।

अरबाज और उसकी पत्नी मिसलता के अलावा वे दोनों भी वहीं थे। सुशीला 11 और 12 जनवरी को वहां थी। देर रात अरबाज किसी व्यक्ति से फोन पर बात कर रहा था। सुशीला को 50 हजार रुपए में बेचने की बात कही जा रही थी जबकि खरीदने वाला 30 हजार रुपया ही देने को तैयार था।

यह बात सुशीला ने सुन ली थी, जिसके बाद उसने उक्त लोगों का विरोध किया। मामला बिगड़ते देख आरोपियों ने सुशीला के सिर पर वार कर हत्या कर दी। शव को बाइक से शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के भुगतानडीह जंगल में ले गए और पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी।

मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस अधीक्षक अनुरंजन किस्पोट्टा ने बरहरवा पुलिस उपाधीक्षक प्रदीप उरांव के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया था, जिसमें पुलिस निरीक्षक राजेश कुमार, बरहेट थाना प्रभारी गौरव कुमार, रांंगा थाना प्रभारी अमन कुमार, कांड के अनुसंधानकर्ता अवर निरीक्षक धीरज कुमार, पुलिस जवान रतन हांसदा एवं चौकीदार बड़की वेरोनिका चौड़े शामिल थे।