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साहिबगंज में 5.92 करोड़ की सड़क 6 महीने में हुई जर्जर, 3 किमी में बने 150 से अधिक गड्ढे

Published: Wed, 16 Sep 2026 01:19 PM (IST)

साहिबगंज के बरहड़वा बाजार में 5.92 करोड़ रुपये की लागत से बनी 4.6 किलोमीटर लंबी सड़क छह महीने में ही ...और पढ़ें

3 किमी में बने 150 से अधिक गड्ढे (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

3 किमी में बने 150 से अधिक गड्ढे (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

HighLights

  1. 5.92 करोड़ की सड़क 6 महीने में ही जर्जर हुई।

  2. 3 किलोमीटर हिस्से में 150 से अधिक गड्ढे बने।

  3. ग्रामीणों ने सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठाए, जांच की मांग।

प्रेम कुमार, पतना (साहिबगंज)। बरहड़वा बाजार को जाम से राहत दिलाने के उद्देश्य से 5.92 करोड़ रुपये की लागत से बनायी गयी 4.6 किलोमीटर सड़क में से तीन किलोमीटर में 150 से अधिक गड्ढे हो गए हैं। पांच-छह माह पूर्व ही मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत पतना चौक से बीएसके कॉलेज, बिंदुवासिनी मंदिर होते हुए होली फैमिली स्कूल बरहड़वा-दिग्घी पीडब्ल्यूडी रोड तक (4.6 किमी) सड़क का निर्माण कराया गया था। 

योजना की प्राक्कलित राशि छह करोड़ 48 लाख 11 हजार 91 रुपये थी लेकिन जामताड़ा की मां तारा इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने 8.60 प्रतिशत कम दर पर पांच करोड़ 92 लाख 37 हज़ार 402 रुपये में इसे लिया था। कंपनी को फरवरी 2024 में कार्यादेश मिला था। 

एक साल के भीतर कार्य पूर्ण करना था परंतु पांच-छह माह पूर्व काम समाप्त हुआ। 4.6 किलोमीटर लंबी सड़क में से 1.6 किलोमीटर की ढलाई की गयी थी जो ठीक है लेकिन तीन किलोमीटर में 150 से अधिक गड्ढे हें। कई जगह तो डेढ़ से दो फीट तक गड्ढा हो गया है।

दिलाना था जाम से राहत, बनी परेशानी का कारण 

लोगों को बरहड़वा बाजार के जाम से निजात दिलाने के लिए बनाई गई बाइपास सड़क अब वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। बाजार में ट्रक, बस और पिकअप समेत अन्य वाहनों के घंटों फंसे रहने के दौरान बरहेट, हिरणपुर और पाकुड़ की ओर जाने वाले वाहन चालक इस मार्ग का इस्तेमाल करते थे लेकिन सड़क की मौजूदा स्थिति ऐसी हो गई है कि चारपहिया वाहन तो दूर बाइक से गुजरना भी जोखिम भरा है। 

होली फैमिली स्कूल से झालदिग्घी के बीच सड़क की स्थिति काफी खराब है। ग्रामीणों के अनुसार, भारी वाहनों के लगातार आवागमन से सड़क की हालत और बिगड़ रही है। समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो बड़ा हादसा हो सकता है। सड़क की जर्जर स्थिति से नाराज ग्रामीणों ने पिछले दिनों सड़क का प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार किया। इसका वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है।

भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक का बोर्ड, फिर भी दौड़ रहे हाइवा 

स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क की बदहाली के पीछे ओवरलोड हाइवा का परिचालन भी बड़ा कारण है। सड़क के प्रवेश द्वार पर विभाग की ओर से भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित किए जाने का बोर्ड लगाया गया है। इसके बावजूद दिन-रात सैकड़ों हाइवा पत्थर और डस्ट लादकर इस मार्ग से गुजर रहे हैं। 

ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण विभाग का आदेश केवल बोर्ड तक सीमित रह गया है। लगातार ओवरलोड वाहनों के दबाव से सड़क बर्बाद हो गयी है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क की बदहाली को लेकर कई बार मौखिक शिकायत की गई, लेकिन विभागीय अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन की ओर से अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। 

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से सड़क पर तत्काल बैरिकेडिंग लगाकर भारी वाहनों का प्रवेश बंद कराने की मांग की है। नियमों का उल्लंघन करने वाले ओवरलोड वाहनों पर जुर्माना और सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, क्षतिग्रस्त सड़क की अविलंब मरम्मत कराकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराई जाए।

सड़क बनते समय ही हमलोगों ने कहा था कि काम ठीक नहीं हो रहा है, लेकिन उस समय किसी ने हमलोगों की बात नहीं सुनी। अब छह महीने भी नहीं बीता और सड़क जगह-जगह बैठ गई। करोड़ों रुपये खर्च करके अगर सड़क का यही हाल होना है तो सरकारी पैसा किस काम का? पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। -  मनीष कुमार, स्थानीय निवासी

बरहड़वा बाजार में जाम लगने पर यही सड़क हमलोगों के लिए सहारा थी। अब सड़क में इतने गड्ढे हो गए हैं कि गाड़ी लेकर निकलना जान जोखिम में डालने जैसा है। विभाग के अधिकारी एक बार इस सड़क पर चलकर देखें, तब उन्हें हकीकत समझ में आएगी। हादसा होने से पहले सड़क को ठीक कराया जाए और घटिया काम करने वाले ठेकेदार पर कार्रवाई हो।-  रोबिन कुमार दास, स्थानीय निवासी

हल्के वाहनों के परिचालन को ध्यान में रखते हुए उक्त सड़क का निर्माण कराया गया था। इससे संबंधित सूचना पट्ट भी कई जगह लगाया गया था लेकिन रात के अंधेरे में चिप्स लदे हाइवा का परिचालन शुरू कर दिया गया। इस वजह से सड़क जगह-जगह धंस गयी है। संवेदक को इसकी मरम्मत कराने का निर्देश दिया गया है। बरसात के बाद काम होगा। - देवीलाल हांसदा, कार्यपालक अभियंता आरईओ, साहिबगंज

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