जागरण संवाददाता, साहिबगंज : जिले के लैंपस-पैक्स में धान बेचने वाले जिले के 338 किसानों को अब तक पूरी राशि का भुगतान नहीं हुआ है। वह राशि के लिए रोज लैंपस-पैक्स का चक्कर लगा रहे हैं। धान अब तक गोदामों में ही पड़ा हुआ है। इस वजह से उन्हें राशि का भुगतान नहीं हो पा रहा है। राज्य सरकार ने इस बार पूरे सिस्टम को कंप्यूटराइज्ड कर दिया। उम्मीद थी कि इसका लाभ किसानों को मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। राज्य में 15 नवंबर 2020 से धान खरीद की घोषणा की गई थी लेकिन उस समय धान में नमी होने की बात कह कर उसकी खरीद पर रोक लगा दी गई। एक दिसंबर से जिले में खरीद शुरू हुई। जिले के कुल 772 किसानों ने 47469 क्विटल धान जिले के लैंपस-पैक्स में बेचा। धान देने के कुछ दिन बाद आधी राशि किसानों के खाते में भेज दी गई। बाकी आधी राशि गोदाम से मिल में धान पहुंचने के बाद देने का प्रावधान है। चूंकि धान अब भी गोदाम में ही पड़ा हुआ है इसलिए राशि किसानों को मिल नहीं पायी है। तलबन्ना के किसान चतुरानंद मिश्रा ने बताया कि 300 क्विटल धान दिया था। अब तक आधी राशि का ही भुगतान हुआ है। धान की खेती का समय आ चुका है। पैसा नहीं मिलने के कारण कर्ज लेकर खेती करनी पड़ रही है। उन्होंने बताया कि कई बार कार्यालयों का चक्कर लगाया। अधिकारी जल्द भुगतान का आश्वासन दे रहे हैं।

कहां कितनी धान की खरीद व मिल में भेजा गया

लैंपस का नाम खरीद क्विटल में मिल में गया क्विटल में

बाकुड़ी लैंपस लि. 2496.95 1675.00

बरहेट संताली 11820.00 4019.01

बरहड़वा लैंपस 7517.16 3490.32

जामनगर पैक्स 2413.07 1431.67

केलाबाड़ी लैंपस 3022.52 1172.54

मंडरो लैंपस 841.29 798.68

पंचकठिया लैंपस 1645.93 1645.93

सकरीगली लैंपस 1334.17 447.80

सकरोगढ़ लैंपस 3083.76 1299.80

शिवापहाड़ लैंपस 7183.54 4901.53

उधवा लैंपस 6111.52 2508.83

------

जैसे ही गोदाम से मिल में धान पहुंचता है वैसे ही किसानों के खाते में राशि भेज दी जाती है। कुछ धान गोदाम में है। शीघ्र ही उसे मिल में भेज दिया जाएगा। इसके बाद किसानों को भुगतान हो जाएगा।

जयदीप तिग्गा, डीएसओ, साहिबगंज

Edited By: Jagran