सब्जी मंडी से कॉरपोरेट तक का सफर, NTPC ने बदली 30 युवाओं की किस्मत
एनटीपीसी फरक्का की सीएसआर पहल ने पश्चिम बंगाल और झारखंड के 30 ग्रामीण युवाओं को चार महीने के आवासीय प्रशिक्षण के बाद प्रतिष्ठित कंपनियों में नौकरी दिलाई है।

एनटीपीसी फरक्का की सीएसआर पहल से 30 ग्रामीण युवाओं को मिला रोजगार
HighLights
एनटीपीसी फरक्का ने 30 ग्रामीण युवाओं को दिया प्रशिक्षण।
प्रशिक्षण के बाद सभी युवाओं को मिली प्रतिष्ठित नौकरी।
युवाओं को 19 हजार से 31 हजार रुपये तक का पैकेज।
संवाद सहयोगी, पतना (साहिबगंज)। एनटीपीसी फरक्का ने अपनी सीएसआर पहल से ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार का नया रास्ता खोला है। पश्चिम बंगाल और झारखंड के परियोजना प्रभावित गांवों के 30 युवाओं को चार महीने के आवासीय प्रशिक्षण के बाद नामी कंपनियों में नौकरी मिली है।
एनटीपीसी ने इन युवाओं को केंद्रीय पेट्रो रसायन इंजीनियरिंग संस्थान भुवनेश्वर में मशीन ऑपरेटर, इंजेक्शन मोल्डिंग का प्रशिक्षण दिलाया। नौ जून को शुरू हुए इस बैच पर करीब 20 लाख रुपये खर्च किए गए।
कंपनी हर साल ऐसे व्यावसायिक प्रशिक्षण पर लगभग 90 लाख रुपये खर्च करती है जिसमें भोजन, आवास और पढ़ाई सामग्री पूरी तरह मुफ्त दी जाती है। ग्राम सभाओं और कॉलेजों में अभियान चलाकर 18 से 32 वर्ष के युवाओं का चयन किया गया था।
प्रशिक्षण के बाद सभी 30 युवाओं का चयन पुणे, नासिक और अहमदाबाद की बड़ी कंपनियों जैसे कुमार इलास्टोमेक, मरेली मदरसन ऑटोमोटिव और जिंदल पाली फिल्म्स में हुआ है। इन्हें 19166 से 31734 रुपये प्रतिमाह तक का सीटीसी पैकेज मिला है।
गोड्डा के युवक का चयन:
गोड्डा के 18 वर्षीय आयुष कुमार पहले पिता के साथ सब्जी बेचते थे। अब पुणे में उन्हें 31 हजार रुपये पर मशीन ऑपरेटर की नौकरी मिली है। अंधुआ के 21 वर्षीय पीयूष मंडल को अहमदाबाद में 22 हजार और मालदा की आईटीआई पास 21 वर्षीय रिया घोष को गुजरात में 22 हजार का ऑफर मिला है।
बैच की तीनों युवतियों का चयन ग्रामीण बेटियों के लिए औद्योगिक क्षेत्र में नए अवसरों का संकेत है। इधर, छह अक्टूबर को सीपेट में आयोजित समापन समारोह में एनटीपीसी फरक्का के कार्यकारी निदेशक देबब्रत, उदिता महिला समिति की अध्यक्ष सौम्या कर और मानव संसाधन प्रमुख आलोक कुमार रणबीर ने सभी को नियुक्ति पत्र सौंपे।
उन्होंने युवाओं से तकनीक के साथ अनुशासन और ईमानदारी को करियर का मूलमंत्र बनाने का आह्वान किया।
