साहिबगंज : सिदो-कान्हू सभागार में गुरुवार को मनरेगा की जिलास्तरीय जनसुनवाई हुई। डीडीसी मनोहर मरांडी की अध्यक्षता में जन सुनवाई का उद्घाटन राजमहल विधायक अनंत कुमार ओझा, जिला परिषद उपाध्यक्ष सुनील यादव, उप विकास आयुक्त, मनरेगा लोकपाल अब्दुस सुभान एवं सोशल आडिट के डीपीएम अनंत कुमार मंडल ने किया।

जिले के आठ प्रखंड की 69 पंचायतों के 76 मामलों की सुनवाई की गई। सभी की सुनवाई के बाद प्रावधान के अनुसार दंड तय किया गया। तालझारी प्रखंड की योजनाओं में गड़बड़ी पर जिला स्तर से 80 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। बोरियो प्रखंड में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी पर 2.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। जनसुनवाई में सभी बीडीओ, सभी प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, मनरेगा के सभी सहायक अभियंता, सभी कनीय अभियंता, सभी पंचायत सचिव, सभी रोजगार सेवक, सभी मुखिया एवं सभी सोशल आडिट की टीम के सदस्य मौजूद थे।

जिला ग्रामीण विकास अभिकरण की ओर से आयोजित सामाजिक अंकेक्षण में मनरेगा की ओर से वर्ष 2019-2020 में गांवों में संचालित वैसी योजनाओं का अंकेक्षण किया गया जिनमें गुणवत्ता की कमी सहित अन्य शिकायतें मिली है। जनसुनवाई में वैसी शिकायत जिला में आई जिसपर पंचायत के बाद प्रखंड के स्तर पर सुनवाई पूरी नहीं की गई। उधवा प्रखंड की योजनाओं के भौतिक सत्यापन में नौ योजनाओं की गुणवत्ता में कमी की शिकायत मिली थी। बताया गया कि सभी योजनाओं में पहले ही दो सौ रुपये व पांच सौ रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। ऐसे ही अन्य मामलों की सुनवाई की गई। मनरेगा लोकपाल ने बताया कि तालझारी प्रखंड की योजनाओं में गड़बड़ी पर जिला स्तर से 80 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। जबकि बोरियो प्रखंड में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी पर 2.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा बोरियो के बीपीओ को अलग से छह हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।

नहीं पहुंचे अपेक्षित अधिकारी व मुखिया : सिदो-कान्हू सभागार में गुरुवार को मनरेगा की जिला स्तरीय जनसुनवाई में अपेक्षित अधिकारी व मुखिया नहीं पहुंचे। जन सुनवाई में श्रम अधीक्षक, कार्यपालक अभियंता एनआरईपी, ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल, जिला अभियंता जिला परिषद, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अग्रणी बैंक प्रबंधक, डाक निरीक्षक, सभी प्रखंड के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी व जेएसएलपीएस के जिला कार्यक्रम प्रबंधक को रहना था परंतु इसमें से ज्यादातर पदाधिकारी नहीं दिखे। जनसुनवाई में जितने मुखिया, रोजगार सेवक, पंचायत सेवक को रहना वे भी नहीं थे। यही कारण रहा कि पूरा सिदो-कान्हू सभागार भी नहीं भरा। जिला स्तर पर होने वाली जन सुनवाई के लिए उप विकास आयुक्त की ओर से 10 फरवरी को पत्र जारी किया गया था। मनरेगा लोकपाल अब्दुस सुभान ने बताया कि जनसुनवाई आठ प्रखंड की थी परंतु केवल तालझारी के बीडीओ आए। मंडरो की जनसुनवाई नहीं हुई।

Posted By: Jagran

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