जागरण संवाददाता, रांची : सोशल मीडिया के इस्तेमाल के दौरान हमें प्रामाणिक खातों की सूचनाओं को ही सही मानना चाहिए। अफवाह फैलाने वाले प्रोफाइल पेज, समूहों की खबरों व सूचनाओं की शिकायत तुरंत संबंधित विभाग से करें। इसी तरह उसकी शिकायत सोशल मीडिया के पैनल में जाकर कर सकते हैं। इसका उपयोग ज्ञान बढ़ाने के लिए किया जाता है, लेकिन इसके खतरे भी बहुत हैं। उक्त बातें सामाजिक कार्यकर्ता एवं कानूनी मामलों की जानकार मालविका शर्मा ने इडी इंपैक्ट संस्था की तरफ से डीएवी गाधीनगर स्कूल में ट्रेन द टीचर विषय पर आयोजित कार्यशाला के दौरान क हीं।

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया में लाइव का भी प्रचलन बढ़ा है, जिसके इस्तेमाल से कहीं से भी लाइव किया जा सकता है। यू-ट्यूब के कई चैनल्स बिना किसी शुल्क के विषयों एवं तकनीक को बेहतर ढंग से समझा रहे हैं, जिससे अपने ज्ञान का स्तर बढ़ाया जा सकता है। साइबर अपराध के पीड़ित व्यक्ति की सही काउंसिलिंग होनी चाहिए, ताकि वह हतोत्साहित न हो। पीड़ित को इस तरह प्रेरित करें कि वह सार्वजनिक मंच पर अपनी बात रखें, जिससे अन्य लोगों को वैसे साइबर अपराध से बचने में मदद मिल सके।

इस दौरान अविनाश कुमार ने गूगल ड्राइव के इस्तेमाल के बारे में बताया। संस्था के निदेशक सैम श्रीवास्तव ने भी शिक्षकों तथा छात्रों को संबोधित किया एवं तकनीक के कई टिप्स दिए। डीएवी गाधीनगर स्कूल के प्राचार्य ने कहा कि आज के दौर में सोशल मीडिया के इस्तेमाल की जानकारी होना बहुत आवश्यक है। शिक्षकों को खासतौर से इसे सही तरीके से समझने की जरूरत है।

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप