यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 21, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दहेज के लिए जिंदा जलाई गई विवाहिता की मौत
राजधानी रांची में दहेज के लिए जिंदा जलाई गई विवाहिता की मौत हो गई।

जागरण संवाददाता, रांची/नामकुम। रातू रोड के देवकल अस्पताल में 85 फीसद झुलसी इलाजरत विवाहिता की रविवार की सुबह मौत हो गई। विवाहिता खूंटी जिले के कर्रा निवासी असित चटर्जी की पत्नी नीतू चटर्जी है। इस मामले में विवाहिता के पिता नामकुम जोरार निवासी उत्तम बनर्जी ने बेटी को दहेज के लिए ससुरालवालों पर जिंदा जलाने का आरोप लगाया है।
पिता के मुताबिक, विवाहिता की शादी बीते वर्ष 2015 के मई महीने में हुई थी। इसके बाद से ही उसे प्रताड़ित किया जाता था। पिता ने कहा है कि बीते 13 अगस्त को नीतू को सुनियोजित ढंग से जलाने की कोशिश की गई थी। इसके बाद उसे रिम्स में भर्ती कराया गया था। जहां से उसे रातू रोड के देवकमल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान सात दिनों के बाद उसकी मौत हो गई।
इधर, नामकुम के जोरार साईं नगर में नीतू के शव का अंतिम संस्कार किया गया। इस घटना के बाद पूरे मोहल्ले में मातम छाया है। नीतु के माता पिता मूल रूप से बंगाल के पुरुलिया के रहने वाले हैं।
