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RIMS: रांची में खेलने के दौरान बच्चे के गले में फंसी सीटी, रिम्स में बची जान

RIMS रिम्स के डाक्टरों ने एक बार फिर एक मासूम बच्चे को नया जीवन दिया है। पूर्वी सिंहभूम के सोनुआ प्रखंड के एक बच्चे दानियल सोय के गले में खिलौने वाली सीटी खेलने के दौरान फंस गई थी। जिसके बाद बच्चे को सांस लेने में दिक्कत होने लगी।

By Kanchan SinghEdited By: Published: Sat, 23 Oct 2021 09:20 AM (IST)Updated: Sat, 23 Oct 2021 09:20 AM (IST)
RIMS: रांची में खेलने के दौरान बच्चे के गले में फंसी सीटी, रिम्स में बची जान
बच्चे के गले में खिलौने वाली सीटी फंस गई थी,रिम्स में डाक्टरों ने निकाली।

रांची,जासं। रिम्स के डाक्टरों ने एक बार फिर एक मासूम बच्चे को नया जीवन दिया है। पूर्वी सिंहभूम के सोनुआ प्रखंड के एक बच्चे दानियल सोय के गले में खिलौने वाली सीटी खेलने के दौरान फंस गई थी। जिसके बाद बच्चे को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। रिम्स में डाक्टरों ने इंडोस्कोपी विधि से बच्चे के गले में फंसी सीटी को निकालकर बच्चे की जान बचाई। डाक्टरों ने बताया कि बच्चे के गले में दो सप्ताह से सीटी फंसी थी। बलगम से खून आ रहा था।

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डा हरिंद्र बिरूआ ने कहा कि बच्चे के सांस की नली में घाव हो गया था। आपरेशन में एक घंटे लगा। उन्होंने बताया कि बार बार इंडोस्कोपी के दौरान बच्चे की सांस कम हो जा रही थी, जिस कारण काफी परेशानी हुई। पर जब बच्चे के गले से सीटी निकली तो लंबाई देखकर सभी दंग रह गए। साथ ही डाक्टरों ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों को इस तरह का खिलौना देने से परहेज करें। आपरेशन में शिशु रोग विभाग के एचओडी हिरेंद्र बिरुआ के साथ श्याम सुंदर साहू, डा अभिषेक कुमार सिंह, डा शिशिर कुमार, डा प्रिया शालिनी लकड़ा और डा अकरम जिया की भागीदारी रही।


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