रांची, राज्य ब्यूरो। Hemant Soren Mining Lease Case मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्थर लीज आवंटित करने के मामले में भारत निर्वाचन आयोग ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। आयोग के आदेश पर गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और शिकायतकर्ता भाजपा की ओर से लिखित जवाब दाखिल कर दिया गया है। अब इस मामले में 23 अगस्त को फैसला आने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि भाजपा ने राज्यपाल रमेश बैस को शिकायत की थी कि मुख्यमंत्री ने अपने नाम पर पत्थर खनन लीज आवंटित कराया है। इससे संबंधित दस्तावेज भी उपलब्ध कराए गए थे। इस आधार पर मुख्यमंत्री को विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहराने की मांग की गई है।

आयोग की राय मामने के लिए राज्यपाल बाध्य

राज्यपाल रमेश बैस ने इस पर भारत निर्वाचन आयोग से मंतव्य मांगा है। आयोग का मंतव्य राज्यपाल को मानने की बाध्यता है। 12 अगस्त को हेमंत सोरेन की ओर से बहस पूरी कर ली गई थी। इसके बाद भाजपा की ओर से उनकी बहस का जवाब दिया गया। सुनवाई के दौरान हेमंत सोरेन के अधिवक्ता ने आयोग को बताया कि इस मामले में जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 9 ए नहीं लागू होगी, जिसमें सदस्यता समाप्त किए जाने की बात कही गई है। उनकी ओर से दो घंटे तक बहस की गई।

भाजपा ने की है सदस्यता रद करने की मांग

भाजपा की ओर से वरीय अधिवक्ता मनिंदर सिंह और कुमार हर्ष ने इसके जवाब में कहा कि इस मामले में हेमंत सोरेन स्वयं आवंटित करने वाले भी हैं और लीज लेने वाले भी। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ है। इन्होंने भ्रष्ट आचरण अपनाया है। इसमें जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 9 ए के तहत मामला बनता है। बता दें कि भाजपा ने राज्यपाल के यहां हेमंत सोरेन की इस संबंध में शिकायत की थी। जिसके बाद चुनाव आयोग ने मई में झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता को जनप्रतिनिधित्व की धारा 9 ए के तहत नोटिस जारी किया था।

मनी लांड्रिंग के पंकज मिश्रा की न्यायिक हिरासत बढ़ी

उधर, अवैध खनन और टेंडर मैनेज करने से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले आरोपित मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बरहेट विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा की न्यायिक हिरासत की अवधि दो सितंबर तक बढ़ा दी गई है। इसके साथ ही पंकज मिश्रा के करीबी कारोबारी बच्चू यादव को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया गया। दोनों की अगली पेशी दो सितंबर को होगी। ईडी ने उक्त आरोप में पंकज को 20 जुलाई को गिरफ्तार किया था। वहीं बच्चू यादव को चार अगस्त को गिरफ्तार किया था।

Edited By: M Ekhlaque