जागरण संवाददाता, सिमडेगा। बेटी संतोषी की मौत की पीड़ा झेल रही कारीमाटी गांव (सिमडेगा, झारखंड) की कोयली देवी को शुक्रवार की रात मुखिया, राशन डीलर, गांव के जयसिंह बड़ाइक समेत 10-12 दबंगों ने पीटकर गांव से निकलने को मजबूर कर दिया। इन लोगों ने पहले कोयली पर मन मुताबिक बयान देने के लिए दबाव डाला। जब कोयली ने ऐसा करने से इन्कार कर दिया तो उन लोगों ने उसके साथ मारपीट की। घर नहीं छोड़ने पर अंजाम भुगतने की धमकी भी दी।

दबंगों ने कोयली के बगल में रहने वाली संतोषी की चाची को भी धमकाया। इससे दोनों बुरी तरह से डर गई। डरा-सहमा पांच सदस्यीय परिवार शनिवार की अलसुबह गांव से पलायन कर गया। उन लोगों ने पतिअंबा पंचायत में रहने वाले अपने एक रिश्तेदार के यहां शरण ली। सुबह जैसे ही इस मामले की जानकारी मीडिया को हुई, मामला गरमाने लगा। इससे पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। तत्काल पुलिस हरकत में आई। आननफानन में पुलिस पतिअंबा पहुंची।

पीड़ित परिवार को अपनी सुरक्षा में वापस कारीमाटी ले आई। पीडि़तों द्वारा यहां अपनी जान को खतरा बताए जाने पर पुलिस ने उनके घर के बाहर दो चौकीदार तैनात कर दिए। कोयली देवी ने बताया कि निलंबित किए गए डीलर भोला साहू, मुखिया सुनीता डांग व गांव के जयसिंह बड़ाइक समेत कुछ लोग उसे लगातार धमकी दे रहे थे। तीनों लोग शुक्रवार की रात अन्य दबंगों के साथ उसके घर आ धमके। दबाव डालने लगे कि नेताओं व मीडिया के लोगों को बच्ची की मौत की वजह भूख नहीं बल्कि मलेरिया बताऊं। मेरे इन्कार करने पर वे लोग उग्र हो गए।

घर के बर्तन व अन्य सामान उठाकर बाहर फेंकने लगे। रोकने पर पहले मेरे साथ धक्कामुक्की की फिर मारपीट करने लगे। दबंगों से जान का खतरा देखते हुए वह परिवार समेत गांव छोड़कर अपने रिश्तेदार के घर चली गई थी। वहीं मौके पर पहुंचे एसडीओ जगबंधु महथा ने बीडीओ को निर्देश दिया कि वे कोयली को प्रधानमंत्री आवास आवंटित करने के लिए वरीय पदाधिकारियों को पत्र लिखें। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि महिला को वर्षों पूर्व इंदिरा आवास आवंटित किया गया था। मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी सामुएल लिंडा ने बताया कि पूरे मामले में मिली शिकायतों की जांच की जा रही है। 

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Posted By: Sachin Mishra

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