रांची, जासं। सामूहिक दुष्कर्म के मामले में लॉ की छात्रा को लेकर पुलिस रविवार को घटनास्थल पर पहुंची। छात्रा को अगवा करने वाली जगह से लेकर, ईट भट्टा व उस खेत पर ले जाया गया, जहां बदमाशों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। सभी जगहों की पुलिस ने पीडि़ता से पहचान कराई। केस के अनुसंधान कर रहे डीएसपी मुख्यालय वन नीरज कुमार और कांके थाना प्रभारी विनय कुमार सिंह पीडि़ता व उनके परिजनों को लेकर पहुंचे। सबसे पहले सभी संग्रामपुर बस स्टैंड पहुंचे। वहां से छात्रा को अगवा कर ले जाए जाने वाली जगह तक ठीक वैसे ही ले जाया गया, जिस रास्ते से अपराधी लेकर गए थे। वहां से पुलिस उस ईट भट्टे तक पहुंची, जहां सबसे पहले सभी आरोपित उस छात्रा को लेकर पहुंचा था। वहां कुछ लोगों के मौजूद रहने की वजह से आगे एक खेत पर ले गए। जहां उसकी अस्मत लूटी गई। इस तरह पुलिस ने पीडि़ता से हर उस जगह की पहचान कराई, जहां उसे लेकर बदमाश गए थे।

लॉ यूनिवर्सिटी पहुंचे एसएसपी, पुलिस पिकेट खोलने पर चर्चा

एसएसपी अनीश गुप्ता रविवार को लॉ यूनिवर्सिटी पहुंचे। लॉ यूनिवर्सिटी प्रबंधन से वहां की सुरक्षा बढ़ाने और पुलिस पिकेट खोलने पर चर्चा की। प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत कर पुलिस पिकेट खोले जाने वाले संभावित जगहों के बारे में भी चर्चा की। इसके अलावा एसएसपी उस हॉस्टल तक पहुंचे, जहां पथराव के आरोप लगे हैं। एसएसपी, डीएसपी सहित अन्य अधिकारियों ने पथराव की घटना पर जांच की। हालांकि पुलिस पथराव की घटना को संदिग्ध मान रही है। पुलिस को आशंका है कि जिस खिड़की को पथराव की वजह से टूटना बताया जा रहा, वह पथराव से नहीं बल्कि खिड़की के टकराने या अन्य कारणों से टूटा होगा। हालांकि पुलिस आसपास लगी सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।

संग्रामपुर बस स्टैंड से अगवा कर किया था दुष्कर्म

लॉ की छात्रा बीते 26 नवंबर की शाम ङ्क्षरग रोड संग्रामपुर बस स्टैंड के पास अपने दोस्त के साथ बैठी थी। उसी दौरान वहां कार और बाइक से पहुंचे अपराधी जबरन अगवा कर संग्रामपुर स्थित एक ईट भ_े में ले गए थे। जहां 12 आरोपितों ने मिलकर दुष्कर्म किया था। घटना के दूसरे दिन 27 नवंबर को पीडि़ता कांके थाना पहुंची थी। इसके बाद सभी आरोपितों को पूरी रात छापेमारी कर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। दूसरे दिन सभी जेल भेजे गए थे। इनमें कांके थाना क्षेत्र के संग्रामपुर गांव निवासी सुनील मुंडा, कुलदीप उरांव, सुनील उरांव, संदीप तिर्की, अजय मुंडा, राजन उरांव, नवीन उरांव, अमन उरांव, बसंत कच्छप, रवि उरांव, रोहित उरांव और ऋषि उरांव शामिल हैं। इनमें सुनील मुंडा के पास से ही हथियार और छात्रा का मोबाइल बरामद किया गया था। इस वजह से वह अलग से दर्ज किए गए आम्र्स एक्ट के मामले का आरोपित है। इनके पास से एक पिस्टल, एक देशी कट्टा, 7.62 एमएम बोर की दो गोलियां, प्वाइंट 315 बोर की एक गोली, घटना में इस्तेमाल की गई कार (जेएच-01एडी-6128), पल्सर मोटरसाइकिल (जेएच-01-डीक्यू-8951) आठ मोबाइल और पीडि़ता का छीना गया मोबाइल बरामद किया गया था।

टीआइपी, 164 का बयान हो चुका दर्ज

घटना के बाद पुलिस ने पीडि़ता का टेस्ट आइडेंटिफिकेशन परेड (टीआइपी), 164 का बयान, डीएन टेस्ट के लिए सैंपल लिया जाना सहित सारी प्रक्रियाएं पूरी कर ली है। इन प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद पुलिस अब सभी सैंपल को एफएसएल जांच के लिए भेजेगी। एफएसएल रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट सौंपेगी।

 

Posted By: Alok Shahi

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