लोहरदगा, [राकेश कुमार सिन्‍हा]। सिक्कों के संग्रह का शौक तो आपने जरूर सुना होगा। कई लोग इस प्रकार का शौक रखते हैं, परंतु आपको एक ऐसे व्यक्ति के बारे में बताते हैं, जो सिक्कों के साथ-साथ पुराने नोट का भी संग्रह रखते हैं। झारखंड के लोहरदगा के रहने वाले संजय बर्मन गुप्‍त काल से लेकर 12वीं शताब्‍दी तक के सिक्‍के अपने पास संग्रह करके रखे हुए हैं। इनके पास ऐतिहासिक महत्व वाले सोने-चांदी के सिक्कों के साथ-साथ पुराने सिक्के और पुराने नोट भी सुरक्षित रखे हुए हैं।

इनके सिक्के और नोटों का संग्रह इतिहास को जानने वाले लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण है। अक्सर लोग इनके पास इन सिक्कों और पुराने नोट को देखने के लिए आते रहते हैं। यह काफी रुचि के साथ लोगों को इसके बारे में बताते हैं। शहर के थाना टोली रोड़ निवासी आभूषण व्यवसायी संजय बर्मन को लोग पुराने सिक्के और नोट के संग्रहकर्ता के रूप में भी जानते हैं। यह पिछले तीन दशक से भी ज्यादा समय से ऐसे सिक्कों और नोट का संग्रह करते आ रहे हैं।

गुप्त काल और 12वीं शताब्दी के हैं सिक्के

यूं तो संजय बर्मन के पास काफी दुर्लभ और ऐतिहासिक सिक्के हैं, परंतु इनके पास गुप्तकाल और 12वीं शताब्दी के सिक्के भी संग्रहित किए हुए हैं। चंद्रगुप्त द्वितीय के जमाने के सिक्के, समुद्र गुप्त काल के सिक्के और 12वीं शताब्दी के सोने और चांदी के सिक्के इनके पास सुरक्षित रखे हुए हैं। इसके अलावा एक नया, दो नया मूल्‍य वर्ग का नोट, एक का नोट, दो का नोट, ब्रिटिश काल के पुराने सिक्के, पांच पैसे, दस पैसे, 20 पैसे और न जाने कितने ऐतिहासिक सिक्के और नोट इनके पास सुरक्षित रखे हुए हैं।

ब्रिटिश काल में चलने वाले नोट भी इनके पास सुरक्षित हैं। यह इन सिक्के और नोटों को दिखाते हुए काफी उत्साहित होते हैं। इनके इतिहास के बारे में भी बताते हैं। अक्सर कई लोग अपने बच्चों को लेकर इनके पास आते हैं, जो इनके माध्यम से इन सभी के इतिहास के बारे में अपने बच्चों को जानकारी देने का प्रयास करते हैं। संजय बर्मन के पास कई ऐतिहासिक महत्त्व वाले सिक्के उपलब्ध हैं।

इतिहास के जानकार के रूप में इन्हें जानते हैं लोग

आभूषण व्यवसायी संजय बर्मन को लोग इतिहास के जानकार के रूप में भी जानते हैं। न सिर्फ भारत के इतिहास, बल्कि अविभाजित बिहार और लोहरदगा जिले के इतिहास के बारे में भी इन्हें काफी कुछ पता है। कई लोग इनसे ऐतिहासिक जानकारी के लिए अक्सर संपर्क करते रहते हैं। लोहरदगा को लेकर काफी पुराना और ऐतिहासिक महत्व होने के बारे में यह काफी कुछ जानकारी देते हैं।

इन्हें यहां के इतिहास और ऐतिहासिक सामान को सुरक्षित रखने, लोगों को जानकारी देने में काफी अच्छा लगता है। लोहरदगा ही नहीं, बल्कि अविभाजित बिहार और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के ऐतिहासिक युद्ध के बारे में भी कई बार लोग इनसे जानकारी लेते रहे हैं। इन्होंने काफी कुछ रिसर्च किया है। भारत देश के इतिहास को जानने के लिए पढ़ने की कोशिश की है। इन्हें इतिहास में खासी रुचि है। यही कारण है कि लोग अक्सर इतिहास के बारे में इनसे जानने की कोशिश करते हैं।

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