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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 04, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

साथ जीने मरने की कसमें खाकर झारखंड की दो बहनों ने आपस में ही रचा ली समलैंगिक शादी, सुनकर गांव वाले हैरान

By M EkhlaqueEdited By:
Published: Fri, 04 Dec 2020 05:30 PM (IST)

झारखंड के कोडरमा ज‍िले में दो बहनों ने आपस में शादी कर ली है। दोनों साथ जीने मरने का कसम ...और पढ़ें

युवत‍ियों की समलैंग‍िक शादी की एक प्रत‍िकात्‍मक फाइल फोटो।
युवत‍ियों की समलैंग‍िक शादी की एक प्रत‍िकात्‍मक फाइल फोटो।

जागरण संवाददाता, रांची : झारखंड के कोडरमा जिले के झुमरीतिलैया थाना क्षेत्र में दो युवतियों ने समलैंगिक शादी कर ली है। दोनों पिछले कुछ दिनों से घर से गायब थीं। दोनों एक दूसरे की ममेरी-फूफेरी बहन हैं। स्वजन ने तिलैया थाने में एक सनहा दर्ज कराया था। गुरुवार को पता चला कि दोनों बहनें ज‍िले के चंदवारा इलाके में भाड़े के एक घर में रहती हैं। इसके बाद दोनों के स्वजन पकड़कर उन्‍हें घर ले आए। इस बात की सूचना स्‍थानीय पुलिस को दी। बाद में पुलिस ने दोनों को डांट-फटकार कर भगा दिया। उधर, स्वजन के मुताबिक दोनों बालिग हैं। कुछ दिन पूर्व दोनों ने आपस में शादी कर ली है। दोनों ही एक-दूसरे के साथ जीवन गुजारने की जिद पर अड़ी हैं। उधर, पुलिस इस मामले को लेकर किसी भी तरह की टिप्पणी करने से बच रही है।

मालूम हो क‍ि यह कोई पहली घटना नहीं है। झारखंड में पहले भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। मनोव‍िज्ञानी कहते हैं क‍ि समलैंगिकता एक प्राकृत‍िक गुण है। यह कई लोगों में पाया जाता है। ऐसे लोग अपने ही तरह के लोगों के प्रत‍ि ज्‍यादा आकर्ष‍ित होते हैं। व‍िपर‍ित ल‍िंंग के प्रत‍ि उनकी रूच‍ि नहीं होती है। यद‍ि ऐसे लोग म‍िल जाएं तो उनके साथ समाल को बुरा बर्ताव नहीं करना चाह‍िए। उनके भी जीने के अध‍िकार होते हैं। उनका भी सम्‍मान करना चाह‍िए। अगर समाज उनके प्रत‍ि गलत नजर‍िए से देखेगा तो संभव है क‍ि ऐसे लोग आगे चलकर खुदकुशी कर लेंगे या कोई और गलत कदम उठा लें। समाज को अपना नजर‍िया बदलने की जरूरत है। इसे प्रकृत‍ि प्रदत्‍त मानकर मौन साध लेना चाह‍िए। दरअसल, झारखंड के गांव अब भी रूढ़‍िवासी सोच के साथ जी रहे हैं। उन्‍हें ऐसे कदम बेहद हैरान करने वाले नजर आते हैं। समाज ऐसी चीजों को पचा नहीं पाता है। अब भी समाज में ऐसी चीजों को गलत माना जाता है। बदलते दौर के साथ समाज को भी नजर‍िया बदलने की जरूरत है।