रांची, जासं। रिम्स के ट्रॉमा सेंटर में मंगलवार को दो ऑपरेशन थिएटर (ओटी) शुरू किए गए। अब गंभीर मरीज इमरजेंसी के बजाय सीधे ट्रॉमा सेंटर में भर्ती हो सकेंगे। ओटी शुरू होते ही पहले दिन तीन मरीजों का ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद मरीजों को ट्रॉमा इमरजेंसी में ही भर्ती किया गया है। डॉ. प्रदीप भट्टाचार्य ने बताया कि ओटी लंबे समय से बनकर तैयार थे।

कुछ उपकरणों के इंस्टॉलेशन का काम चल रहा था। अब ट्रॉमा सेंटर फुल फेज में शुरू हो चुका है। पहले यहां सिर्फ न्यूरो या सर्जरी के गंभीर मरीजों को भर्ती किया जाता था, लेकिन ओटी शुरू होने के बाद से सड़क हादसे में घायल गंभीर मरीज और जिंदगी-मौत के बीच जूझ रहे अन्य मरीजों को सीधे यहां भर्ती लिया जाएगा। ऐसे मरीजों की सर्जरी से लेकर पूरा इलाज यहीं हो सकेगा।

उन्होंने बताया कि ओटी को इमरजेंसी के अनुसार पूरी तरह से तैयार किया जा चुका है। ओटी टेबल, लाइट, मोनिटर समेत अन्य उपकरण लगाकर चालू कर दिए गए। डॉ. प्रदीप भट्टाचार्य ने बताया कि पूर्व में पुराने इमरजेंसी में मरीजों के अनुसार बेड भी कम थे। इस कारण मरीजों का उपचार कराने में भी परेशानी होती थी। उन्होंने कहा कि मरीजों को रिम्स में ही प्राइवेट अस्पताल जैसा ट्रीटमेंट मिलेगा।

50 बेड का होगा ट्रॉमा इमरजेंसी

रिम्स के ट्रॉमा सेंटर में 50 बेड का ट्रॉमा व 50 बेड इमरजेंसी के लिए है। वर्तमान में ट्रॉमा के सभी 50 बेडों की सेवा शुरू हो चुकी है, लेकिन इमरजेंसी की सेवा शुरू नहीं हो सकी। डॉ. भट्टाचार्य के अनुसार फिलहाल 20 बेड के साथ इमरजेंसी की सेवा शुरू होगी। ट्रॉमा सेंटर के मुख्य द्वारा को खोल दिया जाएगा, ताकि मरीज आसानी से यहां भर्ती होकर इलाज करा सकेंगे। भर्ती करने के बाद गंभीर मरीजों को रेड एरिया में रखा जाएगा, ऑपरेशन के बाद येलो एरिया व ठीक होने के बाद ग्रीन एरिया में शिफ्ट कर डिस्चार्ज दिया जाएगा। ट्रॉमा इमरजेंसी इसी कड़ी में काम करेगी।

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