झारखंड चेंबर चुनाव में तुलसी पटेल की टीम ने मारी बाजी, वोटिंग का बना नया रिकॉर्ड
तुलसी पटेल की टीम ने झारखंड चेंबर चुनाव में जीत हासिल की, जिसके बाद मारवाड़ी भवन में जश्न का माहौल देखा गया।

चेंबर चुनाव में विजेता टीम खुशी मनाती हुई। (जागरण)
HighLights
तुलसी पटेल की टीम ने झारखंड चेंबर चुनाव में विजय प्राप्त की।
कुल 2860 मतदाताओं ने मतदान किया, जो 68% रहा।
टीम ने व्यापारियों की सुरक्षा और उद्योगों के विकास को प्राथमिकता बताया।
जागरण संवाददाता, रांची। दिनभर की गहमागहमी के बाद शाम को जब तुलसी पटेल की टीम ने अपना परचम लहराया तो मारवाड़ी भवन जय-जयकारों से गूंज उठा। टीम ने इस बार सफलता पाई थी।
साढ़े सात बजे जीत का परिणाम आने लगा। जश्न स्वाभाविक था। एक दूसरे को माला पहना बधाई दे रहे थे। मिठाई खिला रहे थे।
चुनाव पदाधिकारी अंचल किंगर और सह चुनाव पदाधिकारी पवन शर्मा ने बताया कि इस बार कुल 4214 मतदाताओं में से 2860 ने अपना मत दिया।
मतदान का प्रतिशत 68 रहा। पवन ने बताया कि इस बार पिछले वर्ष की तुलना में मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2025 में कुल 4,070 सदस्यों में से 2,527 सदस्यों ने ही मतदान किया।
इस वर्ष मतदान प्रतिशत बढ़कर 62.09 प्रतिशत हो गया। एक साल में मतदान प्रतिशत में 4.93 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई।
पवन ने बताया कि इसके लिए सभी टीमों ने परिश्रम किया और मतदान की अपील की। इसका ही यह परिणाम रहा। बता दें, वर्ष 2024 में कुल 3,798 सदस्यों में से 2,171 सदस्यों ने ही अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। इस तरह मतदान प्रतिशत 57.16 रहा था।
अपने-अपने पक्ष में मत देने की अपील
मतदान स्थल के मुख्य द्वार पर मतदताओं के प्रवेश के लिए गैलरी बनी थी। उसके दोनों ओर प्रत्याशी व उसके समर्थक जमे हुए थे। सभी प्रत्याशी लगातार मतदताओं से वोट देने की अपील कर रहे थे।
इस दौरान कोई प्रत्याशी पैर छूकर आशीर्वाद ले रहा था तो कोई बोल रहा था भइया और चाचा ध्यान दीजिएगा। मतदताओं में चुनाव को लेकर जोश और उत्साह तो था ही।
पूरे परिसर में उत्साह और उमंग का वातावरण था। सुबह मतदान की रफ्तार धीमी रही। दोपहर 12 बजे के बाद मतदाताओं की भीड़ बढ़ गई।
इसके बाद लोग लाइन में लगकर मतदान किया। पूर्व अध्यक्ष सह पूर्व राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार, राज्यसभा सदस्य डा महुआ माजी ने भी मतदान किया। अंतिम वोट पूर्व अध्यक्ष पवन शर्मा ने दिया।
दोपहर 12.30 बजे तक पड़े थे 501 वोट
दोपहर 12.15 बजे तक 501 वोट पड़े थे। दोपहर 1.00 बजे तक 701 मतदान हो गया। इसके बाद 3.15 बजे तक 1600। शाम चार बजे तक यह आंकड़ा 2400 तक पहुंच गया।
शाम पांच बजे यानी अंतिम समय तक 2860 वोट पड़ गए। झारखंड चेंबर को बकाए के रूप में एक लाख 38 हजार कैश प्राप्त हुआ था।
चुनाव के लिए बने थे 40 बूथ
चेंबर चुनाव के लिए मतदान स्थल पर कुल 40 बूथ बने थे। हर बूथ पर चार कंप्यूटर लगाया गया था। वहीं, एक बूथ क्षेत्रीय उपाध्यक्ष के चुनाव के लिए था।
हर मतदाता को 21 उम्मीदवार का चयन करना अनिवार्य था। चुनाव कार्य के लिए कुल 100 से अधिक स्वयंसेवक लगे थे। सभी सीए एवं सीएस के छात्र थे।
कई पूर्व अध्यक्षों ने संभाला मोर्चा
चेंबर चुनाव में अपने अपने पसंदीदा प्रत्याशी को जीत दिलाने को लेकर पूर्व अध्यक्ष मोर्चा संभाले हुए थे। इनमें पूर्व अध्यक्ष कुणाल अजमानी, विनय अग्रवाल, प्रवीण जैन छाबड़ा, मनोज नरेडी, धीरज तनेजा, परेश गट्टानी, सज्जन सराफ, रंजीत गाड़ोदिया, रंजीत टिबड़ेवाल, किशोर मंत्री आदि शमिल थे। वहीं, चुनाव कराने में पूर्व अध्यक्ष ललित केडिया, चेंबर सदस्य रमन बोड़ा, अनीश बुधिया, अमित बजाज, हैप्पी किंगर आदि सहयोग किया।
व्यापारियों की सुरक्षा और उद्योगों का विकास पहली प्राथमिकता: तुलसी पटेल
जीत के बाद तुलसी पटेल ने कहा कि यह जीत केवल टीम की नहीं, बल्कि झारखंड के सभी व्यापारियों और उद्यमियों के विश्वास की है। चेंबर को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाना मेरा पहला लक्ष्य है। व्यापारियों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर होगा।
सरकार और प्रशासन के साथ प्रभावी संवाद स्थापित कर व्यापारिक हितों से जुड़े मामलों में ठोस परिणाम सुनिश्चित किया जाएगा।
व्यापारियों की सुरक्षा, सरल कारोबारी व्यवस्था, प्रभावी सिंगल विंडो सिस्टम, कानून-व्यवस्था में सुधार, यातायात व्यवस्था और आधारभूत संरचना के विकास जैसे मुद्दों पर विशेष रूप से काम किया जाएगा।
चेंबर के प्रत्येक सदस्य की आवाज को मजबूती से उठाना और उनके सुझावों पर त्वरित निर्णय लेना टीम की प्राथमिकता होगी। हर जिले में उद्योग और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए सरकार के साथ तालमेल कर काम किया जाएगा।
अधूरे कार्यों को पूरा करे नई टीम: आदित्य मल्होत्रा
जीत के बाद वर्तमान अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि नई टीम को चेंबर के अधूरे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करना चाहिए।
व्यापारियों के हित से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने के साथ सरकार और प्रशासन के स्तर पर लंबित मामलों का समाधान कराने की दिशा में काम करना जरूरी है। उन्होंने नई टीम को जीत की बधाई देते हुए बेहतर कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं।
किस वर्ष कितना हुआ मतदान
| वर्ष | कुल मतदान |
|---|---|
| 2011 | 1,350 |
| 2012 | 1,717 |
| 2013 | 1,750 |
| 2014 | 1,842 |
| 2015 | 1,649 |
| 2016 | 2,117 |
| 2017 | 2,381 |
| 2018 | 1,955 |
| 2019 | 2,100 |
| 2020 | चुनाव नहीं |
| 2021 | 1,708 |
| 2022 | 2,422 |
| 2023 | 2,171 |
| 2024 | 1,926 |
| 2025 | 2,527 |
| 2026 | 2,860 |
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