झारखंड में अवैध खनन रोकना तो दूर, शिकायतों पर भी कार्रवाई नहीं कर रहे अफसर; आराेपियों की मौज!
झारखंड में अधिकारियों के ढीले रवैये के कारण अवैध खनन पर लगाम नहीं लग पा रही है, जहां एक साल ...और पढ़ें

खान सचिव की समीक्षा के क्रम में अवैध खनन को लेकर जिलों की निष्क्रियता हुई उजागर।
HighLights
झारखंड में अवैध खनन की 575 शिकायतों में से 269 पर ही कार्रवाई।
306 मामलों में जिला स्तर पर कार्रवाई का अभी भी इंतजार है।
अगस्त में 13 जिलों ने टास्क फोर्स बैठक की जानकारी अपलोड नहीं की।
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड में अधिकारियाें के ढीले रवैये के कारण अवैध खनन रुक नहीं रहा है। अवैध खनन के आरोपियों की पहचान करना तो दूर की बात है, कार्यालय तक पहुंचनेवाली शिकायतों पर भी कार्रवाई नहीं हो रही है। विभागीय सचिव की समीक्षा में यह बात खुलकर सामने आई और हालात गंभीर दिखे।
स्थिति यह है कि झारखंड में पिछले एक वर्ष में अवैध खनन एवं परिवहन से संबंधित 575 शिकायतें दर्ज हुई हैं, जिनमें से 269 पर ही कार्रवाई हो सकी है। 306 मामलों में अभी भी जिला स्तर से कार्रवाई का इंतजार है। ज्यादातर मामले में आरोपियों पर एफआईआर भी नहीं दर्ज हो पा रही है। खनन सचिव पुलिस-प्रशासन से सख्ती बरतने का निर्देश दिया है।
यहां यह बताना जरूरी है कि सर्वाधिक शिकायत धनबाद से आई है तो पाकुड़, गिरिडीह और साहिबगंज से भी बड़ी संख्या में शिकायतें पहुंची हैं। झारखंड में अवैध खनन कोई नई बात नहीं है। अधिकारियों के स्तर से कार्रवाई नहीं होने के कारण अवैध खनन करनेवालों का मनोबल बढ़ जाता है।
खान एवं भूतत्व विभाग की रिपोर्ट कम से कम यही बता रही है। पिछले दिनों विभिन्न माध्यमों से 575 शिकायतें जिलों में खनन पदाधिकारी तक पहुंची, लेकिन इनमें से महज 269 मामलों में कार्रवाई की गई है। पूरे राज्य में तीन जिले गोड्डा, खूंटी और गुमला ऐसे हैं जहां शिकायतों पर शत-प्रतिशत कार्रवाई होने के आंकड़े मिले हैं।
मजेदार बात यह है कि गोड्डा जिले के लिए एक ही शिकायत मिली थी, खूंटी के लिए दो और गुमला के लिए पांच। राज्य में गढ़वा एक ऐसा जिला रहा जहां के लिए कोई शिकायत नहीं मिली है। सरकार ने सभी जिलों से प्राप्त एटीआर (एक्शन टेकन रिपोर्ट) के आधार पर यह जानकारी सामने आई है।
आधे से अधिक जिलों में टास्क फोर्स की बैठक से संबंधित कोई जानकारी नहीं
राज्य सरकार के पास अगस्त महीने में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक से संबंधित कोई जानकारी अपलोड नहीं की गई है। स्थापित व्यवस्था के अनुसार सभी जिलों को हर महीने बैठक कर इससे संबंधित मिनट्स को जेम्स पोर्टल पर अपलोड करना होता है। अगस्त महीने में राज्य के 13 जिलों से ऐसी बैठक से संबंधित कोई रिपोर्ट अपलोड नहीं है।
सबसे अधिक शिकायतें धनबाद से, अवैध खन में गोफ में समा जाते लोग
झारखंड में अवैध खनन से सर्वाधिक प्रभावित जिलों की बात करें तो सबसे अधिक शिकायतें धनबाद से मुख्यालय तक आती हैं और इस पर कार्रवाई का प्रतिशत भी बहुत कम है। नतीजा आए दिन देखने को मिलता है।
इस जिले में अवैध खनन के कारण बड़ी घटनाएं आए दिन होती रहती हैं। रविवार को भी धनबाद में अवैध खनन की कोशिशों में दो लोगों की मौत हुई है और कुछ लोगों के मलबे में दबे होने की भी जानकारी मिल रही है।
ऐसी जानकारियों की पुष्टि झारखंड में यदा-कदा ही हो पाती है और यही कारण है कि अवैध खनन पर रोक नहीं लग पा रही है। धनबाद के लोग अवैध खनन का दंश दशकों से झेल रहे हैं और हर वर्ष कई लोगों की जान अवैध खनन के परिणाम के स्वरूप बने गोफ में समा जाने से होती है।
झारखंड के अन्य कई जिलाें में अवैध खनन के कारण लोगों की जान तो जा ही रही है, विधि-व्यवस्था की समस्या भी उत्पन्न हो रही है। इसे रोकने के लिए प्रशासनिक स्तर पर गतिविधियां औपचारिकताओं तक ही सीमित हैं। क्षेत्र के लोगों को इसमें शामिल नहीं किया जा रहा है।
यही कारण है कि कहीं ना कहीं ऐसी घटनाएं रुक नहीं रही हैं। धनबाद समेत आसपास के तमाम जिलों में इस तरह की घटनाएं बार-बार होने के बावजूद प्रशासनिक विफलता के कारण इसे रोका नहीं जा पा रहा है।
ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि जब तक आम लोग इसे रोकने के लिए आगे नहीं आएंगे और पुलिस, प्रशासन एवं नेतृत्वकर्ताओं से इसे रोकने के लिए जिद नहीं करेंगे तब तक ऐसी घटनाएं होती रहेंगी। जिम्मेदार लोगों को इसके लिए सतर्कतापूर्वक काम करना होगा।
वर्ष 2024-25 से अब तक प्राप्त आंकड़े
| क्र. | जिला | शिकायतें | कार्रवाई |
|---|---|---|---|
| 1 | गिरिडीह | 56 | 24 |
| 2 | साहिबगंज | 55 | 00 |
| 3 | धनबाद | 87 | 20 |
| 4 | जामताड़ा | 12 | 08 |
| 5 | गोड्डा | 01 | 01 |
| 6 | हजारीबाग | 28 | 14 |
| 7 | रांची | 45 | 18 |
| 8 | चतरा | 33 | 23 |
| 9 | चाईबासा | 10 | 09 |
| 10 | जमशेदपुर | 08 | 01 |
| 11 | बोकारो | 34 | 20 |
| 12 | पाकुड़ | 60 | 44 |
| 13 | देवघर | 16 | 05 |
| 14 | रामगढ़ | 18 | 13 |
| 15 | कोडरमा | 12 | 11 |
| 16 | दुमका | 28 | 06 |
| 17 | सरायकेला-खरसावां | 21 | 11 |
| 18 | पलामू | 22 | 20 |
| 19 | गढ़वा | 00 | 00 |
| 20 | गुमला | 05 | 05 |
| 21 | खूंटी | 02 | 02 |
| 22 | लोहरदगा | 08 | 01 |
| 23 | सिमडेगा | 09 | 09 |
| 24 | लातेहार | 05 | 04 |
| कुल | 24 जिले | 593 | 271 |
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