अवैध खनन रोकने को टास्क फोर्स सख्त, झारखंड में सेस से 4,657 करोड़ की वसूली; साहिबगंज शीर्ष पर
झारखंड में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर प्रभावी रोकथाम के लिए राज्य स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक हुई। खान ...और पढ़ें

राज्य स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में दिए गए कड़े निर्देश।
HighLights
अवैध खनन, परिवहन, भंडारण रोकने को टास्क फोर्स के कड़े निर्देश।
शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई, एनजीटी आदेशों का पालन सुनिश्चित करें।
जब्त खनिजों, वाहनों का नियमानुसार निष्पादन, चेकनाका स्थापित करें।
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर प्रभावी रोकथाम के लिए राज्य स्तरीय टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण बैठक के दौरान खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव सह अध्यक्ष अरवा राजकमल ने राज्य में अवैध खनन को पूरी तरह से रोकने के लिए ठोस कार्रवाई का निर्देश दिया है।
बैठक में निदेशक खान राहुल सिन्हा, अपर निदेशक खान, उप निदेशक खान (मुख्यालय), परिवहन विभाग के प्रतिनिधि, पुलिस मुख्यालय के प्रतिनिधि, राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के प्रतिनिधि, संबंधित क्षेत्र के खान उप निदेशक एवं जिला खनन पदाधिकारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में अध्यक्ष सह सचिव द्वारा सभी उपस्थित पदाधिकारियों को राज्य में हो रहे अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण की रोकथाम के लिए निम्नलिखित आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को इन बिंदुओं पर रिपोर्ट देने को कहा गया-
- शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाए।
- एनजीटी से प्राप्त आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
- खनिज आपूर्ति के लिए वैध स्रोतों की बढ़ोतरी के लिए कार्रवाई की जाए।
- थाना परिसरों में जब्त खनिजों एवं वाहनों का नियमानुसार निष्पादन (निपटान) किया जाए।
सभी जिलों को अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश
बैठक में सचिव ने राज्य में अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए अधिकारियों को सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए। कहा कि अधिकारी सुनिश्चित करें कि हाईकोर्ट और एनजीटी के निर्देशों का अनुपालन राज्य में किया जाएगा।
बैठक में राज्य के अलग-अलग जिलों के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक एवं जिला खनन अधिकारी भी मौजूद थे। उन्हें निर्देशित किया गया कि जल्द से जल्द टास्क फोर्स का गठन किया जाए और अवैध परिवहन पर रोकथाम के लिए चेकनाका बनाए जाएं।
खनन प्रहरी ऐप पर मिली शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई हो
सचिव ने खनन प्रहरी ऐप और आम जनता से मिली शिकायतों की जांच कर दोषियों पर तुरंत नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। राज्य में खनिजों की सुचारू आपूर्ति के लिए कानूनी व वैध स्रोतों को बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। इसके साथ ही थानों में लंबे समय से जब्त पड़े अवैध खनिजों और वाहनों का नियमानुसार त्वरित निष्पादन किया जाएगा।
झारखंड में सेस के माध्यम से 4,657 करोड़ की वसूली
राज्य में खनिजों पर सेस के माध्यम से 4657.01 करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत अगस्त महीने तक के जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राज्यभर में जेएमबीएल सेस के रूप में 4657.01 करोड़ राजस्व की वसूली की गई है।
साहिबगंज जिले में जेएमबीएल सेस की वसूली का आंकड़ा 689.70 करोड़ रुपये और एक अन्य श्रेणी में 714.34 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो राज्य में सबसे ज्यादा है। पाकुड़ जिले में सेस की यह राशि 457.77 करोड़ रुपये दर्ज की गई है, जबकि लातेहार जिले में भी कारोबारियों से 467.99 करोड़ रुपये का राजस्व वसूला गया है।
इसके अलावा, राज्य के अन्य प्रमुख खनिज क्षेत्रों में भी करोड़ों की वसूली दर्ज की गई है, जिसमें रामगढ़ में 302.21 करोड़ रुपये, कोडरमा में 301.33 करोड़ रुपये और चतरा में 566.34 करोड़ रुपये का राजस्व शामिल है।
दूसरी ओर, राजधानी रांची में 57.83 करोड़ रुपये का जेएमबीएल सेस वसूला गया है, जहां शहरी और ग्रामीण सीमाओं पर खनिज परिवहन की निगरानी लगातार की जा रही है।
