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रांची में चंदा मांगने के दौरान आदिवासी युवती से बदसलूकी, हंगामा के बाद SC-ST थाने में FIR दर्ज

Published: Thu, 17 Sep 2026 08:45 AM (IST)

रांची की बंगाली कॉलोनी में एक आदिवासी युवती से कथित अभद्र व्यवहार और जातिसूचक गाली-गलौज के बाद हंगामा हुआ। युवती ...और पढ़ें

आदिवासी युवती से बदसलूकी (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

आदिवासी युवती से बदसलूकी (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

HighLights

  1. आदिवासी युवती से कथित अभद्र व्यवहार और जातिसूचक गाली-गलौज का आरोप।

  2. घटना के विरोध में आदिवासी संगठनों ने बंगाली कॉलोनी में किया हंगामा।

  3. पीड़िता की शिकायत पर एससी-एसटी थाने में प्राथमिकी हुई दर्ज।

जागरण संवाददाता, रांची। कांटाटोली स्थित बंगाली कॉलोनी में आदिवासी युवती के साथ कथित अभद्र व्यवहार और जातिसूचक गाली देने के विरोध में बुधवार को जमकर हंगामा हुआ। घटना के विरोध में बड़ी संख्या में आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधि कॉलोनी पहुंचे। इस दौरान मोहल्ले के लोगों और संगठन के प्रतिनिधियों के बीच काफी देर तक कहासुनी होती रही। 

जानकारी के अनुसार, कांटाटोली के नेताजी नगर में कुछ युवकों द्वारा चंदा मांगने के दौरान आदिवासी युवती के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया गया। 

एसटी थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई 

युवती का आरोप है कि इस दौरान कुछ मोहल्लेवासियों ने भी युवकों का समर्थन किया। घटना के बाद 13 सितंबर को युवती ने एसटी थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद उसने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर समाज के लोगों से मदद की अपील की। 

वीडियो सामने आने के बाद बुधवार को बड़ी संख्या में आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधि बंगाली कॉलोनी पहुंचे। यहां पीड़िता के समर्थन में पहुंचे लोगों और मोहल्लेवासियों के बीच तीखी बहस हुई। देखते ही देखते मामला गहमागहमी में बदल गया और काफी देर तक कॉलोनी में हंगामा होता रहा। 

पीड़िता ने कुछ गैर-आदिवासी लोगों के खिलाफ एससी-एसटी थाना में मामला दर्ज कराया है। इसमें जातिसूचक गाली देने, अभद्र व्यवहार करने और चरित्र हनन करने का आरोप लगाया गया है। हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस-प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची और आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधियों को समझाने का प्रयास किया।

जमीन की भी जांच कराने की मांग

आदिवासी संगठनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथ ही कॉलोनी जिस जमीन पर बसी है, उसकी भी जांच कराने की मांग उठाई। संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए और किसी निर्दोष को परेशान नहीं किया जाना चाहिए। 

मौके पर ज्योत्सना केरकेट्टा, अंशु लकड़ा, जास्मिन कच्छप, सेलिना लकड़ा, प्रेमशाही मुंडा, बाहा लिंडा, राकेश बड़ाईक, चार्ल्स मिंज, पार्षद कुलभूषण डुंगडुंग सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

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