पिठोरिया : प्रसिद्ध पिठोरिया सब्जी मंडी इन दिनों ग्राहकों की कमी से जूझ रही है। कोरोना के कारण बाहर के व्यापारियों के वहां नहीं पहुंचने के कारण दूरदराज से सब्जी लेकर आए किसानों की सब्जी नहीं बिक रही है। स्थानीय ग्रामीण भी डर के मारे नहीं पहुंच रहे हैं। इस कारण किसान या तो अपनी सब्जी को वापस घर लेकर चले जा रहे हैं या फिर वहीं पर फेंक दे रहे हैं। इससे उन्हें काफी नुकसान हो रहा है। ऐसा ही नजारा बुधवार को पिठोरिया बाजार में देखने को मिला। जब टमाटर की कीमत एक रुपये किलो नहीं मिल रही थी। इससे नाराज किसानों ने अपने टमाटर को सड़क के किनारे फेंक दिया।

आक्रोशित किसानों का कहना था कि कोइ भी व्यापारी टमाटर को एक रुपये भी खरीदने को तैयार नहीं था। हम लोग क्या करते। घर वापस लेकर जाते, तो पुन: खर्चा लगता, इसलिए फेंक दिए। ऐसी ही स्थिति बंधागोभी की भी है। सुबह उत्साह के साथ अपना बंधागोभी लेकर किसान बाजार पहुंचे थे। पर, बंधागोभी को खरीदने वाला कोई नहीं था। इस कारण आसपास के गांवों से आए किसान बंधागोभी लेकर अपने गांव चले गए। ऐसी स्थिति और भी सब्जियों की देखने को मिली, जिनके खरीदार नहीं मिले।

---------- किसानों का कहना है कि राची गोशाला हमेशा गाड़ी लेकर कुछ लोग गाय को खिलाने के लिए नहीं बिकने वाली सब्जियों को खरीदने के लिए यहां आते थे। वे यहां से एक-दो रुपये किलो खरीदकर सब्जियों को लेकर जाते थे और अपनी गाय को खिलाते थे। पर, जब से कोरोना का प्रकोप हुआ है वे लोग भी नहीं आ रहे हैं। इस कारण मजबूरी में किसान अपनी सब्जियों को सड़क पर फेंककर जा रहे हैं। पिठोरिया के किसान नकुल महतो, सुदामा केसी, सागर साहू, मधू साहू सहित कइयों का कहना है कि क्षेत्र में प्रखंड स्तर पर कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था हो, जिसमें सब्जी को कुछ दिनों के लिए रखने की व्यवस्था हो। इससे किसानों को अपनी सब्जियों को फेंकना नहीं पड़ेगा।

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