रांची, [फहीम अख्तर]। रांची के अरगोड़ा थाने में ईपीएफओ, दिल्ली में पदस्थापित एडिशनल कमिश्नर समरेंद्र कुमार पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। प्राथमिकी बीएसएनएल के अशोकनगर उपमंडल के अभियंता सुनील कुमार मिश्रा ने दर्ज कराई है। समरेंद्र कुमार पर हरमू हाउसिंग कालोनी के बीएसएनएल दूरभाष केंद्र में ताला जड़ने और इससे दो राज्यसभा सदस्य समीर उरांव और दीपक प्रकाश, हाई कोर्ट के दो जज सहित कई वीवीआइपी का टेलीफोन कनेक्शन ठप करने का आरोप है। इस तालाबंदी से रांची पुलिस का सीसीटीवी कैमरा, भारत सरकार की लीज सर्किट भी ठप हो चुका है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अरगोड़ा थाने की पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है। प्राथमिकी रांची के एसडीओ के निर्देश पर दर्ज की गई है।

संपत्ति विवाद की वजह से उलझा मामला

बीएसएनएल के मंडल अभियंता द्वारा लिखे गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि हरमू हाउसिंग काॅलोनी के मकान संख्या डी-15 व 16 में दूरभाष केंद्र के लिए समरेंद्र कुमार के पिता दिवंगत ज्योतिंद्रनाथ गंझू और बीएसएनएल के बीच एकरारनामा हुआ था। उनके निधन के बाद बेटे समरेंद्र कुमार से 21 अक्टूबर 2020 को बीएसएनएल ने एकरारनामा किया। इसकी अवधि 31 जनवरी 2024 तक मान्य है। इसी बीच 26 दिसंबर 2020 को समरेंद्र के भाई पुष्कर कुमार द्वारा बीएसएनएल के महाप्रबंधक को एक पत्र लिखा गया। इसमें उन्होंने डी-16 पर खुद का मालिकाना हक बताया।

समरेंद्र बोले, एग्रीमेंट हुआ लैप्स, 3.50 लाख किराया बाकी

इधर, समरेंद्र कुमार ने बीएसएनएल के अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए पुलिस के पास ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है। समरेंद्र का कहना है कि संबंधित मकान का एग्रीमेंट वर्ष 2018 में ही लैप्स हो चुका है। इससे पहले वर्ष 2012 से ही कई महीने का करीब 3.50 लाख किराया बाकी है। जबकि इस रकम में एरियर और पेनाल्टी का भी भुगतान किया जाना चाहिए। बीएसएनएल ने उनके पिता की संपत्ति पर जबरन कब्जा कर रखा है। दैनिक जागरण से बातचीत में उन्होंने दावा किया कि बीएसएनएल की ओर से किराये के लिए बार-बार प्रताड़‍ित किए जाने के कारण ही उनके पिता बीमार हो गए। इसमें उनकी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि बीएसएनएल के अधिकारी बेवजह संपत्ति विवाद का मुद्दा उठा रहे हैं। किराया देने की मंशा नहीं रखते।

Edited By: Sujeet Kumar Suman