यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 07, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jharkhand Politics: कांग्रेस के निलंबित विधायक इरफान, नमन विक्सल व राजेश कच्छप ने मांगा आठ हफ्ते का समय
Jharkhand Congress MLAs कांग्रेस ने अपने तीन विधायकाें की सदस्यता रद करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष को आवेदन दिया है। ...और पढ़ें

रांची, राज्य ब्यूरो। Jharkhand Congress MLAs स्पीकर न्यायाधिकरण में कांग्रेस के निलंबित विधायकों इरफान अंसारी, नमन विक्सल कोनगाड़ी और राजेश कच्छप की सदस्यता से संबंधित मामले में विधायकों ने आठ सप्ताह का समय देने की गुहार लगाई है। इस मामले में बुधवार को सुनवाई हुई। इस दौरान दोनों पक्ष के अधिवक्ताओं के साथ निलंबित विधायक भी आनलाइन सुनवाई में जुड़े थे। विधायकों के खिलाफ कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने विधानसभा अध्यक्ष के पत्र लिखकर सदस्यता समाप्त करने का आग्रह किया था।
कांग्रेस विधायक दल ने सदस्यता रद करने की मांग की है
इनपर आरोप है कि इन्होंने तीन विधायकों को सरकार अस्थिर करने के लिए मंत्री पद और 10 करोड़ रुपये का प्रलोभन दिया। सुनवाई के दौरान विधायकों ने कहा कि वे अभी कोलकाता में हैं। जवाब दाखिल करने के लिए झारखंड आना जरूरी है। इसे ध्यान में रखते हुए उन्हें आठ सप्ताह का समय दिया जाए। आलमगीर आलम के अधिवक्ता ने इसका विरोध करते हुए कहा कि जिस मामले की सुनवाई तीन माह में पूरी होगी, उसमें आठ सप्ताह का समय मांगना तर्क संगत प्रतीत नहीं होता। निलंबित विधायक के अधिवक्ता ने कहा कि इसपर अध्यक्ष को निर्णय लेना है। उन्होंने अनुरोध किया है वे छह सप्ताह का समय दें या जो बेहतर समझें। विधानसभा अध्यक्ष ने दोनों पक्ष को सुनने का बाद सुनवाई स्थगित कर दी। सुनवाई की अगली तिथि जल्द ही तय की जाएगी।
कोलकाता में नकद रुपयों के साथ पकड़े गए थे तीनों विधायक
मालूम हो कि कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी, नमन विक्सल काेनगाड़ी और राजेश कच्छप पिछले दिनों कोलकाता गए थे। हावड़ा में पुलिस ने इरफान अंसारी के वाहन की जांच शुरू कर दी। गाड़ी से 49 लाख रुपये बरामद हुए। पुलिस ने मामले की जांच तुरंत बंगाल सीआइडी को सिपुर्द कर दी। इस बीच झारखंड कांग्रेस की ओर से थाने में प्राथमिकी दर्ज करा दी गई कि तीनों विधायक हेमंत सोरेन की सरकार गिराने के लिए भाजपा के संपर्क में थे। असम के मुख्यमंत्री से मिलकर विधायकों की खरीद बिक्री में जुटे हैं। उधर, विधायकों का कहना था कि वे साड़ी खरीदने के लिए कोलकाता आए थे। यह साड़ी आदिवासियों में वितरण के लिए खरीदना चाहते थे। सीआइडी ने तीनों विधायकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब इन्हें कलकत्ता हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। लेकिन सीआइडी के बुलाने पर इन्हें 24 घंटे के भीतर कोलकाता जाना होगा।