रांची, जेएनएन। Sukhdeo Singh IAS सुखदेव सिंह झारखंड के नये मुख्य सचिव होंगे, जबकि राजीव अरुण एक्का मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव बनाए गए हैं। वरिष्‍ठ आइएएस अधिकारी सुखदेव सिंह 1987 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं और फिलहाल वे राज्य के विकास आयुक्त के पद पर कार्यरत हैं। वे एक अप्रैल को पदभार ग्रहण करेंगे। मुख्य सचिव डा. डीके तिवारी 31 मार्च को रिटायर होंगे। सीएम के प्रधान सचिव बनाए गए राजीव अरुण एक्का 1994 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। वर्तमान में वे बिजली वितरण निगम के एमडी पद पर कार्यरत हैं। उन्हें मुख्यमंत्री का प्रधान सचिव का जिम्‍मा दिया गया है।

सुखदेव सिंह बने मुख्य सचिव, राजीव को मुख्यमंत्री सचिवालय का जिम्मा

वरीय आइएएस अधिकारी सुखदेव सिंह राज्य के नए मुख्य सचिव होंगे। उन्हें एक अप्रैल से इस पद पर प्रभार लेना है। इसके पूर्व 31 मार्च को वर्तमान मुख्य सचिव डॉ. डीके तिवारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं। दूसरी ओर, श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का को अगले आदेश तक मुख्यमंत्री का प्रधान सचिव नियुक्त किया गया है। इनके पास श्रमायुक्त, सूचना प्रोद्यौगिकी विभाग के प्रधान सचिव और झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी है। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार और राजभाषा विभाग ने दोनों अधिकारियों के पदस्थापन से संबंधित अधिसूचना भी जारी कर दी है।

अधिसूचना जारी, एक अप्रैल से प्रभार लेंगे सुखदेव सिंह

राज्य के मुख्य सचिव डॉ. डीके तिवारी 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो रहे हैं और उनकी सेवानिवृत्ति के बाद नए मुख्य सचिव की तलाश पूरी हो गई है। सुखदेव सिंह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पसंद बताए जा रहे हैं और उन्‍हें पूर्व में भी हेमंत सोरेन के कार्यकाल में महत्वपूर्ण पद मिले हैं। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रधान सचिव के लिए दीप्रभा लकड़ा को प्रतिनियुक्त करने की चर्चा थी लेकिन ऐसा हो नहीं सका। इसके बाद श्रम विभाग के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का को मुख्यमंत्री सचिवालय का प्रधान सचिव बनाया गया है।

तय था 87 बैच के आइएएस का मुख्य सचिव बनना

प्रदेश में अपर मुख्य सचिव स्तर के दस अधिकारियों में सबसे सीनियर दो अधिकारी नई दिल्ली में प्रतिनियुक्त हैं। राजीव गौबा वर्तमान में केंद्र में कैबिनेट सचिव हैं और अमित खरे उच्च शिक्षा विभाग के सचिव। दोनों अधिकारी नई दिल्ली से लौटकर झारखंड आना नहीं चाह रहे थे। इसके अलावा गौबा और खरे की सेवा अगले साल क्रमश: अगस्त और सितंबर तक है। इसके बाद के सीनियर आइएएस अधिकारियों में तीन 1987 बैच के हैं। इनमें एनएन सिन्हा भी नई दिल्ली में हैं।

इंदुशेखर चतुर्वेदी प्रदेश में वन एवं पर्यावरण विभाग के अपर मुख्य सचिव हैं लेकिन पूर्व में ही इन्हें नई दिल्ली के लिए राज्य सरकार से एनओसी प्रदान कर दी गई थी। दिल्ली में प्रतिनियुक्ति के लिए चतुर्वेदी ने स्वयं आवेदन किया था। इसके बाद सबसे सीनियर अधिकारी विकास आयुक्त सुखदेव सिंह थे और उनकी सेवा मार्च 2024 तक जारी रहेगी। लंबा कार्यकाल और पूर्व के बेहतर अनुभव के आधार पर ही हेमंत सोरेन सरकार ने उन्हें मुख्य सचिव बनाने का निर्णय लिया है।

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Posted By: Alok Shahi

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