राज्य ब्यूरो, रांची। विभिन्न मुद्दों को लेकर घिरी राज्य की भाजपा नीत गठबंधन सरकार को घेरने की जुगत में विपक्षी दल लग गए हैं। 31 अक्टूबर की रैली के अलावा राज्य स्तर पर सर्वदलीय आंदोलन की रणनीति बनाने की मुहिम तेज हो गई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने इस बाबत तमाम विपक्षी दलों के नेताओं से संपर्क साधा है। दावेदारी है कि सर्वदलीय आंदोलन में पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, हेमंत सोरेन सरीखे नेता भागीदारी करेंगे।

इसके अलावा राजद की अन्नपूर्णा देवी से भी संपर्क साधा गया है। भाकपा, माकपा समेत लगभग 150 जनसंगठन भी इसमें भागीदारी करेंगे। रविवार को धुर्वा स्थित अपने आवास पर पूर्व केंद्रीयमंत्री सुबोधकांत सहाय ने इसकी घोषणा की। उन्होंने राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया। कहा, चारों तरफ हाहाकार मचा है। भूख से लोग मर रहे हैं।

किसान आत्महत्या कर रहे हैं और राज्य के मुख्यमंत्री चुनिंदा अफसरों के साथ विदेश का दौरा कर रहे हैं। सरकार 1000 दिन पूरा करने का जश्न मना रही है। कानून-व्यवस्था की स्थिति बदतर हो चुकी है। महिलाओं के साथ दुष्कर्म हो रहा है। विपक्ष इसे चुपचाप सहन नहीं करेगा। लोगों का गुस्सा परवान पर है। सत्ता का अहंकार ज्यादा वक्त तक नहीं चलता।

अनशन करेंगे कांग्रेसी

प्रदेश कांग्रेस के नेता सोमवार को 24 घंटे के लिए अनशन पर बैठेंगे। प्रदेश महासचिव आलोक दुबे ने कहा कि सिमडेगा के संतोषी की मौत मामले में लीपापोती चल रही है। संतोषी के परिजनों को धमकाना और गांव से बाहर निकालना सरकार के इशारे पर हो रहा है। राशन डीलरों और आपूर्ति पदाधिकारी को निलंबित कर तथा अधिकारियों पर आरोप लगाकर सरकार अपनी जिम्मेदारियों से बच नही सकती। मंत्री सरयू राय को भूख से हुई मौत की नैतिक जिम्मेदारी लेनी होगी।

प्रशासन फेल, लीपापोती को कोशिश : झामुमो

झामुमो महासचिव सह प्रवक्ता विनोद पांडेय का दावा है कि सिमडेगा में भूख से मृत बच्ची के मामले की लीपापोती सरकार कर रही है। सरकार के भीतर इसे लेकर भ्रम की स्थिति है। ऐसी नौबत पहले कभी नहीं आई कि मुख्य सचिव के आदेश को निरस्त करना पड़े। उन्होंने प्रशासनिक क्षमता पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई स्तर पर ऐसी चूक सामने आती रही है।

विपक्ष लाश पर राजनीति करना बंद करे : भाजपा

राज्य ब्यूरो, रांची : प्रदेश भाजपा ने विपक्ष को लाश पर राजनीति न करने की नसीहत दी है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि सिमडेगा में हुई बच्ची की मौत बेहद अफसोसजनक है। पूरी सरकार और पार्टी इस दुख की घड़ी में मृतक के परिजनों के साथ खड़ी है। शाहदेव ने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उनमें मृतक के प्रति संवेदना कम दिख रही है और राजनीतिक लाभ की भावना ज्यादा दिख रही है।

प्रतुल ने कहा कि इस प्रकरण पर दो जांच रिपोर्ट आई हैं जिनमें मौत का कारण मलेरिया बताया गया है। इसके बाद भी विपक्ष का भूख से मौत की बात कहना सिर्फ और सिर्फ राजनीति से प्रेरित लगता है। शाहदेव ने कहा कि तारामणि साहू की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। अगर उनकी मृतक के परिवार से इतनी ही नजदीकी थी तो उन्होंने बच्ची की बीमारी का इलाज सरकारी या निजी डॉक्टरों से क्यों नहीं करवाया? अब मौत के बाद वो सब जगह सबसे आगे जरूर नजर आ रहीं हैं।  

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Posted By: Sachin Mishra

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